राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर केंद्रित होगा। बुधवार को उन्होंने कहा कि सरकार आगामी बजट के लिए गुरुवार से विभागवार चर्चा शुरू करेगी। अबुआ बजट पर विशेषज्ञों के साथ मंथन किया जाएगा। बजट संगोष्ठी में जनता से मांगे गए सुझावों पर भी विचार होगा। प्री-बजट मीटिंग में विभागीय अधिकारियों, मंत्रियों और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। राज्यहित में बजट को प्रभावी बनाने के लिए आम जनता से भी पोर्टल के माध्यम से सुझाव मांगे गए हैं। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि चुनावी वर्ष में विकास की गति कुछ धीमी हो जाती है, लेकिन इस बार सरकार बेहतर प्रदर्शन करेगी। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे समय पर अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करें और बजट राशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। मालूम हो कि 28 जनवरी को प्री-बजट मीटिंग का समापन होगा। समापन सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अध्यक्षता कर अपने मंत्रियों, अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ बजट की दिशा तय करेंगे। बजट की 80 से 90% राशि का उपयोग करेगी सरकार : वित्त मंत्री वित्त मंत्री ने आगे कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पारित बजट की 80 से 90% राशि का उपयोग करने में राज्य सरकार सक्षम है। मालूम हो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1,28,900 करोड़ का बजट है। ‘9 माह में 55 प्रतिशत राशि ही खर्च, बजट के 20 हजार करोड़ रु. हो सकते हैं सरेंडर’ शीर्षक से दैनिक भास्कर ने बुधवार को खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की बजट राशि खर्च के बारे में महालेखाकार द्वारा राज्य सरकार को जानकारी दी गई है। जिसमें 9 माह में 55% राशि ही खर्च होने की बात सामने आई थी। 17 जनवरी को पहले सत्र में राजस्व, ऊर्जा परिवहन, वाणिज्य कर, उत्पाद और खाद आपूर्ति प्रक्षेत्र पर आयोजित संगोष्ठी में भू राजस्व, ऊर्जा, परिवहन, वाणिज़्कर, उत्पाद व खाद्य उपभोक्ता विभाग शामिल होंगे। अंतिम चरण में जनजातीय कल्याण, महिला बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा परिक्षेत्र पर आयोजित संगोष्ठी में कल्याण विभाग, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा और उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग से जुड़े लोग शामिल होंगे। 16 जनवरी को कृषि, सिंचाई, वन पर्यावरण, ग्रामीण विकास और आजीविका विकास प्रक्षेत्र पर कार्यशाला होगी। इसमें कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और जल संसाधन विभाग के बजट को लेकर चर्चा होगी। गुरुवार को दूसरे सत्र में नगर विकास, पथ निर्माण, उद्योग, खान, पर्यटन एवं श्रम कौशल विकास प्रक्षेत्र पर परिचर्चा होगी। इसमें नगर विकास, पथ निर्माण, उद्योग, खान, पर्यटन, खेलकूद, कला संस्कृति, श्रम एवं कौशल विभाग के बजट पर चर्चा होगी। दो दिनों में चार सत्र में होगी संगोष्ठी सीएम 28 जनवरी को करेंगे प्री-बजट मीटिंग का समापन सीएम हेमंत सोरेन 28 जनवरी को प्री-बजट मीटिंग के समापन बैठक की अध्यक्षता करेंगे। 5 जनवरी को सीएम ने वर्ष 2025-26 के राज्य बजट निर्माण को लेकर आम जनता के सुझाव-सलाह लेने के लिए अबुआ बजट पोर्टल और मोबाइल एप लांच किया था। कहा था कि जन सहभागिता के साथ हम राज्य को सतत विकास के लिए ऐसा किया जा रहा है। प्री-बजट मीटिंग में विभागीय अफसर, मंत्री भी रहेंगे मौजूद बुधवार को प्रकाशित खबर


