जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रविवार को पार्टी कार्यालय में कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर ध्वजारोहण किया गया और एक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से हुई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश मरावी ने पार्टी का ध्वज फहराया और सलामी दी। संगोष्ठी में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी ने कांग्रेस के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर 1885 को स्थापित कांग्रेस पार्टी ने देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने के लिए कई संघर्ष किए। इन्हीं संघर्षों के परिणामस्वरूप 15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा। मरावी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख उद्देश्यों पर भी चर्चा की। इनमें राष्ट्रवादी आंदोलन चलाना, भारतीयों को राजनीतिक लक्ष्यों से परिचित कराना, देश के कई हिस्सों में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध मजबूत करना तथा राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए देशवासियों को एकजुट करना शामिल था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का लक्ष्य लोगों को जाति, धर्म और प्रांतीयता की भावना से ऊपर उठाकर एक राष्ट्रव्यापी अनुभव जागृत करना था। कांग्रेस नेताओं के त्याग और बलिदान ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में देश के लोगों का भरोसा जीता। धीरे-धीरे पार्टी ने पूरे देश में अपनी पहचान और विश्वास स्थापित किया, जिससे देश को अंग्रेजों से आजादी मिली। स्थापना दिवस के अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वृद्धाश्रम पहुंचकर फल और मिठाई का वितरण भी किया। ये हुए कार्यक्रम में शामिल इस कार्यक्रम में मोहनसिंह चंदेल, सुरेंद्र करोसिया, विष्णु करोसिया, यशपाल भलावी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य ‘मोन्टू’ भूरा, सेवादल कांग्रेस अध्यक्ष मुबारक खान, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष धनंजय सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तेजसिंह रघुवंशी, संजय बघेल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष तनवीर अहमद, विजय उइके और कविता कहार सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।


