झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगने वाला है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को बिजली दर में 30 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। अभी घरेलू बिजली दर प्रति यूनिट 6.65 रुपए है, जिसे 8.65 रुपए तक बढ़ाने की तैयारी है। जेबीवीएनएल ने प्रस्ताव में कहा है कि सरकार हर महीने राज्य के 41 लाख उपभोक्ताओं केा 200 यूनिट फ्री बिजली दे रही है। इस पर हर माह करीब 344 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। हर साल 45 करोड़ की हो रही बिजली चोरी राज्य में सालाना करीब 45 करोड़ की बिजली चोरी हो रही है। इससे निपटने के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी जरूरी है। इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नियामक आयोग को लेना है, जो जन सुनवाई के बाद होगा। आयोग अप्रैल में बिजली दर पर जन सुनवाई करने की तैयारी में है। इसके बाद जून में बिजली दरों पर फैसला हो सकता है। जेबीवीएनएल ने जो तर्क दिया है, उससे बिजली दरों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। 200 से 400 यूनिट तक 2.05 रु. की सब्सिडी अभी 200 यूनिट तक बिजली फ्री है। ऐसे उपभोक्ताओं का एनर्जी चार्ज, फिक्स्ड चार्ज, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी फ्री है। वहीं 200 से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को 2.05 प्रति यूनिट की दर सब्सिडी मिलती है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले को 6.65 प्रति यूनिट के हिसाब से पैसे देने पड़ते हैं। 45 करोड़ की बिजली चोरी कर रहे झारखंड में हर साल 22 हजार से अधिक लोग बिजली चोरी कर रहे हैं। इससे हर साल जेबीवीएनएल को करीब 45 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। 2023 में जेबीवीएनएल ने बिजली चोरी के 24,399 केस दर्ज कराया था। इनसे 47 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ था। वहीं 2024 में जनवरी से दिसंबर तक बिजली चोरी करने वाले 21,902 लोगों पर केस दर्ज कराया। इससे विभाग को 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। जेबीवीएनएल के जीएम (एटीपी) श्रवण कुमार ने कहा-बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग की ओर से अभियान भी चलाया जा रहा है। सितंबर 2024 में हुई थी नई दर की घोषणा, नहीं बढ़ी थी दर सितंबर 2024 में नियामक आयोग ने 2024-25 के लिए टैरिफ की घोषणा की थी। लेकिन बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। नियामक आयोग ने जेबीवीएनएल की ओर से दिए गए बिजली बिल में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसलिए इस बार यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि बिजली दर में बढ़ोतरी हो सकती है।


