भास्कर न्यूज | बालोद नगर पालिका के 20 वार्डों में अब खुले में कचरा फेंकने पर 500 रुपए जुर्माना देना पड़ेगा। पहले नपा की ओर से समझौता शुल्क 100 या 200 रुपए वसूला जाता था, लेकिन अब सफाई की स्थिति बेहतर करने के उद्देश्य से जुर्माना राशि तय कर नियम बनाकर लागू कर दिया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी साहू ने बताया कि खुले में कचरा फेंकने पर 500 रुपए जुर्माना राशि देने का नियम पार्षदों की सहमति के बाद लागू हुआ है। सफाई के मामले में बालोद को बेहतर बनाने कचरा फैलाने वालों पर सख्ती करना जरुरी हो गया है। इस वजह से जुर्माना राशि का प्रावधान कर नियम लागू किया गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में नगर पालिका बालोद का स्टेट रैंक 90वां और नेशनल रैंक 56वां है। सफाई के मामले में बालोद की स्थिति सुधरी है बावजूद एक ही स्टार मिला है। नगर पालिका बालोद को वर्ष 2023 में स्टेट में 117वां और नेशनल में 68 वां रैंक मिला था। इस लिहाज से वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में स्टेट में 27 और 12 रैंक का सुधार हुआ है। हालांकि स्टार की स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में सुधार की जरूरत है। शहर के लगभग 3 हजार 500 घरों में स्व सहायता समूह की महिलाएं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने पहुंचती है, बावजूद वर्तमान में किसी भी स्थान में खुले में कचरा दिखाई दे रहा है। शहर के 20 वार्डों में 500 से 600 घर के लोग यूजर चार्ज नहीं दे रहे है। यह नगर पालिका के अनुसार न्यूनतम आंकड़ा है। जो यूजर चार्जर नहीं दे रहे हैं, वह खुले में कचरा फेंक रहे हैं। वहीं कई वार्डों से शिकायत मिली है कि समूह की महिलाएं रोजाना डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं पहुंचती हैं। आमापारा, कुंदरापारा सहित कई वार्ड ऐसे हैं, इस वजह से खुले में कचरा फेंकने की नौबत आती है। गौरतलब है कि नगर पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन इसके बावजूद लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। कचरा मुक्त शहर बनाना उद्देश्य ताकि रैंक सुधरे नगर पालिका की ओर से नियम लागू कर जुर्माना राशि तय करने का मुख्य उद्देश्य शहर को कचरा मुक्त बनाना है। दरअसल केंद्रीय स्तर की टीम निरीक्षण कर स्वच्छता सर्वेक्षण में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, गीला व सूखा कचरा अलग करना, प्रोसेसिंग, कचरों का उपयोग, कचरा मुक्त शहर, ओडीएफ डबल प्लस यानी खुले में कितने लोग अब तक शौच करने जा रहे हैं। इन सब मापदंड पर रैंक, स्टार तय करती है। इसके अलावा लोगों से फीडबैक लेते हैं। टीम निरीक्षण भी करती है।


