अजनाला-रमदास में बाढ़ पीड़ितों को बढ़िया नस्ल की 39 गाय दीं

संजय तिवारी | अमृतसर कहते हैं अगर जिंदगी दूसरा मौका दे दें तो कुछ लोग सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि समाज के लिए जीने लगते हैं। अमृतसर के राकेश हांडा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कैंसर से जंग जीतने के बाद हांडा ने अपने जीवन का मकसद बदल लिया और 8 साल से जरूरतमंदों की मदद में लगे हुए हैं। एक साल अस्पतालों के बैडों पर रहकर कैंसर को हराया। उसके बाद कोरोना काल में डोनेशन एकत्रित कर लोगों की मदद करनी शुरू कर दी। अब उनके साथ कई पूर्व अफसर भी जुड़ गए हैं और विदेशों से भी डोनेशन मिल रही है जिससे हांडा जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। राकेश हांडा ने बताया कि अमृतसर के लॉरेंस रोड के रहने वाले हैं। भाई और परिवार के सदस्य अमृतसर में रहते हैं हालांकि वह अभी दिल्ली के बसंत कुंज में रह रहे हैं। पूरे पंजाब सहित अन्य राज्यों में भी डोनेशन से लोगों की मदद कर रहे हैं। 2016 में जब कैंसर हुआ तो इलाज के लिए अमृतसर, चंडीगढ़, दिल्ली और अमेरिका के अस्पतालों में करीब एक साल तक भर्ती रहना पड़ा। हौसले और सकारात्मक सोच के साथ कैंसर को मात दी और 2017 में पूरी तरह स्वस्थ हो गए। राकेश हांडा ने बताया कि कैंसर के इलाज के दौरान अस्पतालों में गरीब मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियों को करीब से देखा। यहीं से मन में समाज के लिए कुछ करने की भावना जागी। राकेश हांडा ने बताया कि 2019 में कोरोना महामारी आई। वह इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन के सदस्य भी हैं। लॉकडाउन के दौरान कई क्रिकेटर आर्थिक संकट में फंस गए। उस समय विदेश में रहने वाले दोस्तों से करीब 3 लाख की मदद जुटाई और जरूरतमंद क्रिकेटरों तक पहुंचाई। उन्होंने तय किया कि लोगों की भलाई के लिए लगातार काम करेंगे। इसके लिए उन्होंने डोनेशन लेना शुरू किया और धीरे-धीरे 83 लाख की बड़ी राशि एकत्रित की। इस धन से उन्होंने जरूरतमंद लोगों की अलग-अलग तरह से मदद की। रमदास और अजनाला के बाढ़ प्रभावितों की एक अलग सोच के साथ मदद करने का फैसला किया। उन्होंने डोनेशन जुटाई और बाढ़ पीड़ित परिवारों को राशन की जगह आजीविका का सहारा देने के लिए 2 चरणों में 39 बड़ी नस्ल की गाय दीं। इस मौके पर स्थानीय विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल भी मौजूद रहे। अभी 7 गाये और हैं जिन्हें जल्द दान किया जाएगा। हांडा ने बताया कि फिलहाल कोई फाउंडेशन नहीं बनाई है, लेकिन मां के नाम पर फाउंडेशन बनाने की तैयारी चल रही है। उनका अगला बड़ा लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है। अगले साल जुलाई में एक लाख पौधे डोनेट किए जाएंगे।

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