भास्कर न्यूज | अमृतसर लम्सडन क्लब चुनाव में अमृत महाजन अंबा गुट के बायकॉट के चलते मनीष गुट ने हासिल कर ली। रिटर्निंग अधिकारी सतीश खन्ना की अध्यक्षता में रविवार दोपहर डेढ़ बजे से मतदान शुरू हुआ जो रात 9 बजे तक चला। 1200 से ज्यादा वोटरों में से 116 ने मतदान किया। 5 पदाधिकारियों एवं 12 कार्यकारिणी सदस्यों के लिए मतदान हुआ। दो पदाधिकारी सुधीर धीर स्पोर्ट सचिव और कौशिक छाबड़ा रिफरेशमेंट सचिव पहले ही निर्विरोध जीत चुके हैं। अंबा गुट के चुनाव में हिस्सा नहीं लेने से प्रतिद्वंद्वी गुट के मनीष चोपड़ा प्रधान, उपप्रधान कपिल बहल, महासचिव विजय उम्मट, संयुक्त सचिव राहुल मेहरा, वित्त सचिव अश्वनी रौली बने। 12 कार्यकारिणी सदस्य : संजय मेहरा, सुनील विज, संदीप गुलाटी, राजेश पांधी, संजय बहल एडवोकेट, मनीष खन्ना, गुरिंदरपाल सिंह, राजेश चोपड़ा, गौतम अरोड़ा, अमित महाजन, हरजोग सिंह संधू और भूषण धवन ने जीत हासिल की। विजेता गुट ने मतदाताओं का आभार जताया और कहा कि जो जिम्मेदारी मिली है उसे बखूबी निभाएंगे। अमृत महाजन अंबा ने उक्त चुनाव को असंवैधानिक और अदालत के आदेशों की अवहेलना करार दिया है। उक्त चुनाव को जल्द ही एक-दो दिन में अदालत में चुनौती दी जाएगी। 4 दिन पहले ही उन्होंने क्लब कार्यालय को बैलेट पेपर इस्तेमाल न करने की लिखित हिदायत दी थी लेकिन विरोधी गुट के मनीष चोपड़ा व उनकी टीम ने बैलेट पेपर का गलत इस्तेमाल करते हुए वोटिंग करवाई है। उन्होंने कहा कि यह बदमाशी है गुडंगर्दी के बल पर एकतरफा चुनाव हुआ है। क्लब को गुंडागर्दी का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। मतदान से पहले दोपहर 12.30 बजे क्लब परिसर में वित्त सचिव विजय उम्मट की अध्यक्षता में एनुअल जनरल मीटिंग आयोजित की गई। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। उम्मट ने कहा कि अंबा महाजन और उनकी टीम की ओर से नामांकन प्रक्रिया के दौरान नाम वापस न लिए जाने के चलते बैलेट पेपर व अन्य चुनावी सामग्री पर प्रत्याशियों का नाम अंकित है। अगर कोई सदस्य चाहे तो उनके पक्ष में मतदान कर सकता है। अमृतसर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट कुंवर रजिंदर सिंह का कहना है कि अगर एक गुट लम्सडन क्लब चुनाव को गैर कानूनी मानता है तो कोर्ट में चुनौती दे सकता है। याचिका स्वीकार होने के बाद फैसले के तहत उक्त चुनाव कैंसिल हो सकते हैं। लेकिन यह तभी संभव है अगर चुनाव क्लब के संविधान के भी खिलाफ हुए हों।


