मुरैना जिले के पिपरसेवा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक आइस्क्रीम फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल युक्त दूषित पानी पास के डेम और नहर में मिल रहा है। केमिकल युक्त पानी मिलने से डेम का पानी दूषित हो रहा है एक दम काला पड़ रहा है। केमिकल युक्त दूषित पानी के कारण डेम में मछलियां हजारों की संख्या में मर कर किनारे लग रही हैं। वहीं इस दूषित पानी को पीने वाले मवेशी, कुत्ते गाय की भी जान जा रही है। जिन ग्रामीणों ने इस डेम के से फसल में पानी दिया उनकी फसलें नष्ट होने लगी हैं। अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस केमिकल युक्त पानी को रोकने और फैक्ट्री पर कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ से मदद मांगी है। सीधे डेम में छोड़ा जा रहा पानी पिपरसेवा गांव और आसपास के इलाकों के ग्रामीणों का आरोप है कि पास में स्थित औद्योगिक क्षेत्र की सिल्वरबेक फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त वेस्टेज पानी सीधे पास के डेम में छोड़ा जा रहा है। इसी डेम के पानी से किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं और मवेशी भी यही पानी पीते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री का यह गंदा और जहरीला पानी डेम को लगातार प्रदूषित कर रहा है। इसके कारण डेम में पली हजारों मछलियों की मौत हो रही है। साथ ही, इसी पानी से सिंचाई करने पर किसानों की फसलें भी खराब हो रही हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की जांच कर फैक्ट्री द्वारा छोड़े जा रहे केमिकल युक्त पानी पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि लोगों की सेहत, पशुओं और खेती को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। कंपनी के कर्मचारी ग्रामीणों को देते हैं धमकी
पिपरसेवा गांव के किसान रामवीर के अनुसार फैक्ट्री से निकलने वाले झाग जैसे केमिकल के पानी से डेम नरूआ का पानी जहरीला हो रहा है। जिससे डेम की मछलियां मर रही हैं, हमारी फसल नष्ट हो रहीं है। मवेशी पानी पीते हैं तो वह बीमार होकर मर रहे हैं। फैक्ट्री प्रबंधन से शिकायत करो तो कर्मचारी लड़ने आ जाते हैं। एसडीएम भूपेंद्र कुशवाह के अनुसार मछलियां मरना मामला गंभीर है इस पूरे मामले को दिखवाते है पानी की जांच भी करवाएंगे और फैक्ट्री प्रबंधन से भी बात करेंगें। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर कार्रवाई की मांग करेंगे।


