रायसेन में सोमवार को धान के दाम गिरने से नाराज किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों द्वारा उपज के कम दाम लगाए जाने के बाद किसान सड़कों पर उतर आए। शुक्रवार को जहां धान का भाव 4000 रुपये प्रति क्विंटल था, वहीं सोमवार को मंडी खुलते ही यह 3400 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गया। किसानों का आरोप था कि दो दिन पहले दाम बढ़ाकर अचानक इतने कम कर दिए गए, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। सुबह करीब 11:30 बजे, नाराज किसानों ने पहले कृषि उपज मंडी के सामने सड़क पर ट्रॉलियां लगाकर जाम लगा दिया। लगभग एक घंटे तक चले हंगामे के बाद, कुछ किसान अपनी ट्रॉलियों के साथ सागर तिराहे पर पहुंच गए। उन्होंने वहां तीनों रास्तों पर ट्रॉलियां खड़ी कर जाम लगा दिया। दोपहर तीन बजे तक दोनों स्थानों पर जाम लगा रहा। कलेक्टर से दाम बढ़ाने की मांग
इस दौरान अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीएम मनीष शर्मा सहित अन्य अधिकारी किसानों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन जाम नहीं खुला। किसान धान का भाव 4000 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग पर अड़े थे। अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय ने बताया कि किसानों को दरों को लेकर कुछ भ्रम हो गया था। उन्हें लगा कि उनकी धान की उपज के दाम कम मिलने वाले हैं, इसी बात को लेकर कुछ किसान नाराज होकर सड़क पर आ गए थे। हालांकि, प्रशासन ने दशहरा मैदान पहुंचकर मंडी में फिर से नीलामी शुरू करवाई। 3700 रुपये चल रहा दाम
दोबारा नीलामी 3700 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से शुरू हुई। कृषि उपज मंडी के व्यापारी अखिल सोनी का कहना है कि भाव तय करना उनके हाथ में नहीं है। फार्म के द्वारा धान के रेट रोज तय किए जाते हैं उसी हिसाब से कृषि उपज मंडी में व्यापारियों के द्वारा खरीदी की जाती है। किसानों द्वारा लगाए गए जाम के कारण पूरे शहर के रास्ते अवरुद्ध हो गए। छोटे बच्चों, आम लोगों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने शहर में कुछ स्थानों से यातायात मार्ग परिवर्तित किए थे, लेकिन बड़े वाहनों के फंसने से जाम की स्थिति बनी रही।


