छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के चंद्रपुर गांव में दबंगों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। यहां एक युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। आरोप है कि उसे जबरन कच्ची शराब भी पिलाई गई। हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित की पत्नी अपने मासूम बच्चे को लेकर बीच-बचाव करने पहुंची, तो आरोपियों ने उसे भी धक्का दे दिया, जिससे गोद में लिया बच्चा जमीन पर गिर गया। घटना के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। सोमवार को व्यक्ति ने परिवार सहित एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। आरोप- रास्ते से उठा ले गए, घर में बनाया बंधक
पीड़ित चंद्रभान कुशवाहा ने बताया कि 26 दिसंबर को वह पत्नी और भांजी के साथ अपनी मां को छोड़कर लौट रहे थे। इसी दौरान धनप्रसाद यादव, हरकत यादव, ब्रजेश यादव, भुजवल यादव, प्रद्युम्न यादव और कंदू यादव ने रास्ते में रोककर जबरन पकड़ लिया और अपने घर ले गए। कच्ची शराब पिलाकर जूते-डंडों से पिटाई
आरोप है कि आरोपियों ने चंद्रभान को जबरन कच्ची शराब पिलाई और फिर जूते व डंडों से बेरहमी से पीटा। सिर, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित के शरीर पर कई जगह चोट के स्पष्ट निशान मौजूद हैं। बचाने आई पत्नी को धक्का, मासूम जमीन पर गिरा
चंद्रभान की पत्नी केशर कुशवाहा ने बताया कि जब वह पति को बचाने पहुंचीं, तो आरोपियों ने एक माह के बच्चे सहित उन्हें धक्का दे दिया। बच्चे के जमीन पर गिरने के बावजूद आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और वे चंद्रभान को घसीटते हुए ले गए। पुलिस आई तो छोड़कर भागे आरोपी
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद आरोपी चंद्रभान को छोड़कर फरार हो गए। हालांकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट वापस लेने की धमकी का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि गर्रोली चौकी से राजेश यादव नामक व्यक्ति उन्हें रिपोर्ट वापस लेने की धमकी दे रहा है। साथ ही पुलिस पर अपनी मर्जी से रिपोर्ट लिखने और आरोपियों को संरक्षण देने के भी आरोप लगाए गए हैं। पहले भी हो चुकी मारपीट, तब भी कार्रवाई नहीं
परिवार ने बताया कि 22 जनवरी 2025 को चंद्रभान के छोटे भाई कामता कुशवाहा के साथ भी इन्हीं आरोपियों ने मारपीट की थी, लेकिन उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी से न्याय की गुहार
लगातार हो रही घटनाओं और कार्रवाई न होने से आहत पीड़ित परिवार सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचा और आरोपियों की गिरफ्तारी व सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार ने कहा कि यदि अब भी न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि दबंगों के आगे आम लोग खुद को कितना असहाय महसूस कर रहे हैं।


