जिला वेटलिफ्टिंग सेंटर ने अतीत में स्टेट, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई वेटलिफ्टर तैयार किए हैं। बावजूद इसके सेंटर की हालत काफी समय से खराब बनी हुई थी। फर्श और छत जर्जर हैं, वहीं चेंजिंग रूम की सुविधाएं भी संतोषजनक नहीं हैं। मौजूदा समय में रोजाना 150 से अधिक वेटलिफ्टर यहां अभ्यास करते हैं। खेल विभाग की तरफ से तैयार किए गए प्रस्ताव में छत और फर्श की मरम्मत, ऑफिस का विस्तार, चेंजिंग रूम को बेहतर और बड़ा करने जैसे कार्य शामिल हैं। मरम्मत पूरी होने के बाद खिलाड़ियों को आधुनिक और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकेंगी। एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी परवेश चंदर शर्मा ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण दे रहे है। रोजाना करीब 150 से अधिक खिलाड़ी आते हैं। भास्कर न्यूज | लुधियाना रखबाग के पास स्थित जिला वेटलिफ्टिंग सेंटर की मरम्मत की उम्मीद जग रही है। स्पोर्ट्स विभाग की ओर से सेंटर की मरम्मत के लिए डीसी ऑफिस में प्रस्ताव भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही रेनोवेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार करीब 40 लाख रुपये की लागत से सेंटर की मरम्मत कराई जाएगी। जिला वेटलिफ्टिंग सेंटर का निर्माण वर्ष 1987 में हुआ था। इसके बाद से यह सेंटर लगातार अनदेखी का शिकार रहा। वर्ष 2014 में केवल छत बदली गई थी, लेकिन इसके अलावा भवन की हालत सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। समय के साथ सेंटर की फर्श, छत और अन्य सुविधाएं जर्जर हो गईं, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा। भवन की खराब हालत को लेकर लुधियाना वेटलिफ्टिंग एंड बॉडीबिल्डर एसोसिएशन की ओर से कई बार मांग उठाई गई, लेकिन लंबे समय तक कोई सुनवाई नहीं हुई। हाल ही में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीसी से मुलाकात कर सेंटर की मरम्मत की मांग दोहराई। इसके बाद डीसी ने खेल विभाग से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुग ने बताया कि सेंटर के रेनोवेशन के लिए करीब 40 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर डीसी ऑफिस भेज दिया गया है।


