सर्दियों में तेज खर्राटे बनते हैं परेशानी की वजह, रखें ध्यान

लुधियाना| सर्दियों के मौसम में कई लोगों को यह शिकायत होती है कि उनके खर्राटे पहले से ज्यादा तेज या लगातार आने लगते हैं। यह समस्या न सिर्फ खुद व्यक्ति की नींद खराब करती है, बल्कि साथ सोने वालों के लिए भी परेशानी का कारण बनती है। सर्दियों में खर्राटे बढ़ने के पीछे कई वजहें होती हैं, जिनका समय रहते ध्यान रखना जरूरी है। ठंड के मौसम में हवा ठंडी और सूखी होती है, जिससे नाक और गले की अंदरूनी झिल्ली सूखने लगती है। इससे सांस की नली संकरी हो जाती है और सोते समय हवा के गुजरने में रुकावट आती है, जो खर्राटों की वजह बनती है। सर्दियों में सर्दी-जुकाम, एलर्जी और साइनस की समस्या भी ज्यादा होती है। नाक बंद होने पर व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है, जिससे खर्राटे और तेज हो जाते हैं। इसके अलावा ठंड में लोग कम पानी पीते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है। गले की मांसपेशियां और टिश्यू सूखे होने पर ज्यादा कंपन करते हैं, और यही कंपन खर्राटों की आवाज पैदा करता है। सर्दियों में वजन बढ़ना भी एक कारण हो सकता है, क्योंकि शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है और गर्दन के आसपास फैट जमा होने से सांस की नली पर दबाव पड़ता है। खर्राटों से बचाव के लिए सबसे पहले सोने की पोजिशन पर ध्यान दें। पीठ के बल सोने से जीभ पीछे की ओर गिरती है और सांस की नली बंद होने लगती है, इसलिए करवट लेकर सोना ज्यादा फायदेमंद होता है। कमरे में नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें, इससे नाक और गला सूखता नहीं है।

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