भास्कर न्यूज | जालंधर नरेगा मुलाजिम एक्शन पंजाब की तरफ से सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका गया। मुलाजिमों ने कहा कि मोदी सरकार ने 20 साल पुराने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम-2005 को अब विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजी विका मिशन (ग्रामीण) के तहत बड़ा बदलाव किया है। इस बिल के लागू होने से जहां राज्य सरकारों पर 40 फीसदी हिस्सेदारी का अतिरिक्त बोझ पड़ने से हंगामा खड़ा होगा, वहीं 16-17 साल से नरेगा योजना को जमीनी स्तर पर लागू कर रहे पंजाब के करीब 2100 नरेगा कर्मचारियों का भविष्य खत्म होने की कगार पर है। मुलाजिमों की तरफ से पिछले लंबे समय से अपनी नौकरी को पक्का करवाने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। 15 साल से गांवों के लगभग 80 फीसदी विकास कार्य नरेगा कर्मचारियों द्वारा किए गए हैं। गांव में सीवरेज, तालाबों का नवीनीकरण, थापर मॉडल, सीचेवाल मॉडल, इंटरलॉक टाइलें, खेल स्टेडियम, पार्क, स्कूलों की चारदीवारी, आंगनबाड़ी केंद्र, नरेगा भवन, रेन वाटर रिचार्ज, मवेशी शेड सहित दर्जनों कार्य कर्मचारियों की तरफ से किए जा रहे हैं, लेकिन नरेगा कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा रहा है। कमेटी के जिला अध्यक्ष सतनाम सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने नए बिल के विरोध में 30 दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, लेकिन राज्य सरकार उन कर्मचारियों के बारे में एक भी शब्द नहीं बोल रही है, जिन्होंने आप सरकार को सत्ता में लाने में अहम योगदान दिया। नरेगा कर्मचारी 29 दिसंबर को पंजाब के 12587 गांवों में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मौके पर सलविंदर सिंह किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, गुरमेल सिंह, चरणजीत, सिंह थम्मूवाल, तरसेम पीटर पेंडू मजदूर यूनियन पंजाब, मंगलजीत सिंह, दीपक एपीओ, परमजीत कौर, चरणजीत नकोदर, प्यारा शाहकोट, संदीप, सोमराज मेहतपुर, रजत आदमपुर, सुमित उपस्थित थे।


