भास्कर न्यूज | लुधियाना नव वर्ष को लेकर मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई है। नव वर्ष की पूर्व संध्या 31 दिसंबर की रात एक अलौकिक महाकुंभ की साक्षी शहर बनेगा। श्री दुर्गा माता मंदिर, श्री सिद्ध पीठ दंडी स्वामी मंदिर और श्री गोविंद गौ धाम जैसे अन्य पवित्र देवालयों में श्रद्धा का ऐसा अनंत सागर उमड़ेगा कि संपूर्ण महानगर आध्यात्मिक ऊर्जा के एक जीवंत पुंज में परिवर्तित हो जाएगा। पुष्पों की मनमोहक सुगंध और इंद्रधनुषी प्रकाश की अलौकिक रश्मियों से सुसज्जित होने वाले मंदिर प्रांगणों में हजारों श्रद्धालु सामूहिक संकीर्तन की पावन लहरों पर हिलोरे लेंगे। भक्तों के कंठ से फूटने वाले प्रभु के जयकारों से आकाश की अनंत गहराइयों को गुंजायमान किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन का एक दिव्य अनुष्ठान होगा, जहां शोर-शराबे के स्थान पर भक्ति की शक्ति और नाम-सिमरन की शांति के साथ वर्ष 2026 का मंगलमय आगाज किया जाएगा। श्री गोविंद गौ धाम, लुधियाना के सभागार में इस वर्ष भी नव वर्ष का आगमन एक अलौकिक आध्यात्मिक उत्सव के रूप में होने जा रहा है। ठाकुर श्री राधा गोविंद जी के दिव्य सानिध्य में आयोजित होने वाला यह महा संकीर्तन भक्ति और श्रद्धा का एक ऐसा अनुपम संगम होगा। जहां श्रद्धालु वर्ष 2025 की विदाई और वर्ष 2026 का मंगलमय स्वागत श्री हरि के चरणों में वंदन करते हुए करेंगे। 31 दिसंबर बुधवार रात 8 बजे से प्रारंभ होने वाली इस दिव्य संध्या में सुप्रसिद्ध संकीर्तन गायक भैया दीपेश सुनेजा एवं भैया मनीष चौहान अपनी मधुर वाणी से भजनों की अमृत वर्षा करेंगे। वहीं संस्था द्वारा भक्तों के लिए भोजन प्रसाद एवं रात्रि में दूध की विशेष व्यवस्था की गई है। हैबोवाल कलां स्थित सिद्धपीठ महाबली संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर में इस बार नव वर्ष 2026 का स्वागत भव्य उत्सव से होगा। मंदिर प्रबंधन की तरफ से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का शीर्षक नव वर्ष के रंग, श्री बाला जी महाराज व श्री बांके बिहारी जी के संग रखा गया है। 31 दिसंबर की शाम को जब घड़ी की सूइयां नए साल की ओर बढ़ेंगी तब भक्त वृंदावन से आए सुप्रसिद्ध संकीर्तन वाचक दीपक कृष्ण शास्त्री की अमृतमयी वाणी के साक्षी बनेंगे। शास्त्री के सुमधुर कंठ से निकलने वाली श्री राधा नाम की स्वर लहरिया भक्तों को एक ऐसे लोक में ले जाएंगी। जहां केवल आनंद और शांति का वास है। इस दिव्य महोत्सव की भव्यता केवल संकीर्तन तक सीमित नहीं है। मंदिर की परंपरा के अनुसार, प्रभु के दर्शनों के साथ-साथ भक्तों के लिए अटूट लंगर का विशेष आयोजन किया जाएगा। सिविल लाइंस स्थित पावन श्री सिद्ध पीठ दंडी स्वामी मंदिर में इस बार नव वर्ष का आगमन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि श्रद्धा और शक्ति के मिलन का एक दिव्य महापर्व बनने जा रहा है। पं. राज कुमार शर्मा की गरिमामयी अध्यक्षता में आयोजित होने वाला यह महोत्सव 31 दिसंबर की रात्रि को मंदिर परिसर को साक्षात वैकुंठ धाम में परिवर्तित कर देगा। जहां देश के कोने-कोने से आए सुगंधित पुष्पों की महक और आधुनिक दीपों की अलौकिक जगमगाहट भक्तों को त्रेतायुग की दिव्यता का अनुभव कराएगी। रात्रि 8 बजे से श्री सिद्ध पीठ पर्रीकर द्वारा छेड़ी गई हरिनाम संकीर्तन की मधुर स्वरल रियां भक्तों के अंतर्मन को भक्ति रस से सराबोर कर देंगी। जैसे ही घड़ी की सूइयां मध्यरात्रि के 12 पर दस्तक देंगी पूरा आकाश हरि बोल के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठेगा। कड़ाके की शीतलहर के बीच आस्था की ऊष्मा को बनाए रखने के लिए भक्तों को गरमा-गरम दूध और शाही गजरेला का दिव्य प्रसाद वितरित किया जाएगा। सिविल लाइंस स्थित सुप्रसिद्ध श्री दुर्गा माता मंदिर में 31 दिसंबर की रात्रि को नव वर्ष 2026 का भव्य स्वागत एक अलौकिक धार्मिक उत्सव के रूप में किया जाएगा। जहां श्री शिव शक्ति सेवा संघ, आरती सेवा संघ और शिव परिवार के सौजन्य से 15वीं विशाल भगवती चौकी का भव्य आयोजन हो रहा है। इस पावन समागम में स्वामी विवेक भारती महाराज के दिव्य आशीर्वाद और भजन गायक कुमार संजीव एंड पार्टी की मंत्रमुग्ध कर देने वाली स्वरलहरियों के बीच भक्तगण मां भगवती के भक्ति रस में सराबोर होंगे। रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होने वाले इस मंगलमयी कार्यक्रम में जहां एक ओर श्रद्धा की सरिता बहेगी, वहीं दूसरी ओर विशाल लंगर के माध्यम से सेवा का अनुपम उदाहरण भी प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों ने समस्त नगरवासियों को सपरिवार आमंत्रित किया है।


