हिंदपीढ़ी से लापता दो बहनों को रांची पुलिस ने कर्नाटक से बरामद करने के बाद पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी कर्नाटक के रायचूर का रहने वाला मो. इस्माइल (24), रामगढ़ निवासी मजहर आलम (25), गढ़वा के उंटारी का रहने वाला इमरान खान (20) और हिंदपीढ़ी का रहने वाला मो. कासिद फिरोज व जुनैद आलम (20) शामिल हैं। गिरफ्तार सभी आरोपी एक-दूसरे के दोस्त हैं। रांची एसएसपी चंदन सिन्हा ने बताया कि लापता रहनुमा परवीन और लैब टेक्निशयन मो. इस्माइल में प्रेम प्रसंग था। दोनों शादी करना चाहते थे। इसी वजह से घर से वे लोग भाग गए। इसमें सहयोग के लिए रहनुमा परवीन ने अपनी छोटी बहन को भी साथ ले लिया था। दोनों बहनें 11 जनवरी को अपने घर से कांटाटोली में मंगल टावर स्थित सेंटर में आधार कार्ड में सुधार कराने की बात कह निकली थीं। लेकिन कुछ ही देर बाद 1.20 बजे रहनुमा ने फोन कर अपने पिता को बताया था कि एक ऑटो वाला उनके साथ लूटपाट कर रहा है और उन्हें कहीं जबरन ले जाने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया था। हिंदपीढ़ी थाना में अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद रांची एसएसपी ने सिटी एसपी राजकुमार मेहता के नेतृत्व में एक एसआईटी बनाई थी। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो जानकारी मिली कि दोनों बहनें मंगल टावर के पास से एक ऑल्टो कार में बैठ बूटी मोड़, ओरमांझी, सिकिदरी होते हुए चितरपुर गईं। वहां से कोडरमा, वाराणसी होते हुए ट्रेन से कर्नाटक पहुंचने ही वाले थे कि रांची पुलिस ने कर्नाटक पुलिस की मदद से उन्हें बरामद कर लिया और मुख्य आरोपी मो. इस्माइल को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने कहा… दोनों बहनों की पुलिस काउंसिलिंग कर रही है एसएसपी ने कहा कि पुलिस दोनों बहनों की काउंसिलिंग कर रही है। अगर पूछताछ में इनकी इस योजना में संलिप्तता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। अभी तक की पूछताछ में दोनों ने बताया है कि मो. इस्माइल के कहने पर ही उन्होंने यह कदम उठाया। एसएसपी ने कहा कि इस मामले का उद्भेदन करने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। रांची में पुलिस की गतिविधि पर नजर रख रहे थे जुनैद व कासिद दोनों बहनों के लापता होने की जानकारी हिंदपीढ़ी के जुनैद आलम और कासिद फिरोज को थी। दोनों रांची पुलिस की एक-एक गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। पुलिस जहां-जहां सीसीटीवी खंगालने जा रही थी, वहां ये दोनों साथ जा रहे थे। ताकि पुलिस की गतिविधियों को ये मो. इस्माइल को बता सकें। रांची पुलिस के अनुसार इन लोगों ने तीन प्लान बनाए थे। प्लान ए था कि मुंबई जाना है। अगर मुंबई नहीं गए तो कर्नाटक या चेन्नई जाएंगे। इन सभी ने एक कोड वर्ड भी बना रखा था। अगर एचपी लिख कर भेजते तो सभी समझ जाते अपने में से ही कोई है। फोन व सिम तोड़ कर फेंक दिया था, पुलिस ने 6 ट्रेनों को खंगाला पुलिस इनका लोकेशन ट्रेस न कर सके, इसके लिए मुख्य आरोपी मो. इस्माइल ने रहनुमा का फोन व सिम तोड़कर फेंक दिया था। उसने एक नया मोबाइल फोन ले रखा था, जिसमें सिम नहीं था। वह जहां भी जाता, अपने सहयोगियों के मोबाइल फोन से वाई-फाई लेकर उपयोग करता था। रांची पुलिस ने दोनों को पकड़ने के लिए बनारस, नागपुर, पुणे और हुबली (कर्नाटक) के रेलवे स्टेशनों में इन दोनों को ढूंढा। वहीं छह ट्रेनों शक्तिपुंज एक्सप्रेस, पलामू एक्सप्रेस, हुबली एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, मंडपम एक्सप्रेस और गंगावती एक्सप्रेस में सर्च किया।


