छत्तीसगढ़ में कर्मचारी फेडरेशन की 3 दिवसीय हड़ताल:’मोदी की गारंटी’ पूरी न होने का आरोप, सरकारी कामकाज प्रभावित

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर राज्य भर में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। धमतरी समेत अलग-अलग जिलों में सैकड़ों कर्मचारी ‘काम बंद, कलम बंद’ आंदोलन में शामिल हुए हैं। फेडरेशन ने ‘मोदी की गारंटी’ पूरी न होने का आरोप लगाते हुए 11 सूत्रीय मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया है। 29 दिसंबर को धमतरी शहर के गांधी मैदान में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एकत्रित हुए। यह हड़ताल छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों और विकासखंडों में की जा रही है, जिसमें अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठाई जा रही है। ‘मोदी की गारंटी’ के तहत दिए वादे पूरे नहीं किए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के घोषणा पत्र में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत कर्मचारियों से कई वादे किए गए थे। इसमें महंगाई भत्ता सहित कर्मचारी-अधिकारी हित से संबंधित बातें शामिल थीं, जिसके लिए शपथ पत्र भी जारी किया गया था। फेडरेशन का आरोप है कि चुनाव के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी ये वादे पूरे नहीं किए गए हैं। इसी के विरोध में यह तीन दिवसीय हड़ताल की जा रही है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के इस आंदोलन के कारण कई शासकीय कार्यों में बाधा आने की आशंका है, जिससे आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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