ऊर्जा विभाग व निगम के 3 शीर्ष पद खाली:सब्सिडी नहीं मिली, निगम कर्ज ले खरीद रहा बिजली, कई कार्य अटके

आईएएस अविनाश कुमार के मुख्य सचिव बनने के बाद एक अक्टूबर से ऊर्जा विभाग एवं ऊर्जा निगम के तीन अहम पद रिक्त हैं। इसके कारण राज्य के बिजली सेक्टर से जुड़े कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इतना ही नहीं, झारखंड ट्रांसमिशन निगम के एमडी केके वर्मा का भी कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो गया। लेकिन सरकार ने 31 की देर शाम इनको एक साल का सेवा विस्तार दे दिया। इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। अविनाश कुमार ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव थे। इनके मुख्य सचिव बनने के बाद से यह एवज पद पिछले एक अक्टूबर से रिक्त है। जिससे सभी तरह के वित्तीय कार्य पूरी तरह से ठप हैं। बजटीय प्रावधान के पैसे की निकासी भी यह पद रिक्त होने के कारण नहीं हो पा रही है। यहां तक कि सरकार के द्वारा 200 यूनिट फ्री बिजली के एवज में जेबीवीएनएल को मिलने वाली सब्सिडी की राशि भी नहीं मिल पा रही है। इसके कारण जेबीवीएनएल को लोन लेकर बिजली खरीदनी पड़ रही है। तीन-तीन महीने में सरकार द्वारा यह राशि जेबीवीएनएल को ट्रांसफर की जाती है। लेकिन बीते तीन माह से एक पैसा भी नहीं मिला है। सीएमडी, ऊर्जा विकास निगम 3 माह से बोर्ड की बैठक नहीं हो सकी, नीतिगत निर्णय नहीं हो रहे ऊर्जा सचिव ही ऊर्जा विकास निगम के पदेन सीएमडी होते हैं। ऊर्जा सचिव नहीं होने के कारण सीएमडी का पद भी तीन महीने से रिक्त है। सीएमडी नहीं होने से ऊर्जा विकास निगम के कई नीतिगत निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। असर : 3 माह से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक भी नहीं हुई। इस बैठक में बिजली योजनाओं को लेकर कई निर्णय लिए जाते हैं और उनको मंजूरी भी मिलती है। योजनाओं को स्वीकृति नहीं मिलने से कई जरूरी काम अटके हुए हैं। एमडी, जेबीवीएनएल बिजली सुधार योजनाओं के कई तरह के प्रस्ताव अटके हुए हैं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के एमडी पद पर भी मुख्य सचिव अविनाश कुमार आसीन थे। उनके मुख्य सचिव बनने के बाद से यह अहम पद भी रिक्त है। यह पद रिक्त होने से कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित हैं। असर : बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग नहीं हो रही। इसके अलावा विभिन्न एरिया बोर्ड द्वारा बिजली सुधार योजना के कई तरह के प्रस्ताव भेजे जाते हैं। जिन पर एमडी का हस्ताक्षर और सहमति जरूरी है। इसके कारण तीन महीने से फाइलों का मूवमेंट थम गया है। इधर, संचरण निगम के एमडी को मिला तीसरा एक्सटेंशन झारखंड ऊर्जा संचरण निगम के एमडी सह जेरेडा के एमडी केके वर्मा को एक और वर्ष के लिए एक्सटेंशन दिया गया है। इस संबंध में कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। वर्मा का कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा था। वर्मा को 31 दिसंबर 2026 तक का अवधि विस्तार दिया गया है। सेवानिवृत्त होने के बाद वर्मा को पहला एक्सटेंशन वर्ष 2024 में, फिर दूसरा 2025 में दिया गया था। इसके बावजूद संचरण निगम का काम सुचारू रूप से नहीं चल पाएगा, क्योंकि ऊर्जा सचिव का पद रिक्त है। सचिव के नहीं रहने से किसी तरह का वित्तीय लेन-देन भी संभव नहीं है।

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