भास्कर न्यूज | जालंधर प्राचीन शिव मंदिर, दोमोरिया पुल में नववर्ष व विश्व विख्यात भजन लेखक बलबीर निर्दोष की 90वीं जयंती के उपलक्ष्य में सिद्ध शक्तिपीठ विश्वमुखी श्री त्रिपुरमालिनी की चौकी श्रद्धापूर्वक करवाई गई। मंदिर के प्रधान यादव खोसला ने बताया कि देश-विदेश में जो सिद्ध शक्तिपीठ विश्वमुखी श्री त्रिपुरमालिनी मां दरबार का प्रचार हुआ है, इसका सारा श्रेय बलबीर निर्दोष को जाता है। जो स्थान भक्त श्रीधर जी का श्री वैष्णो देवी दरबार में है, जो अहमियत भक्त माईं दास जी की श्री चिंतपूर्णी दरबार में है, जो रुतबा ध्यानु भगत जी का श्री ज्वाला देवी दरबार में है, वही स्थान, रुतबा एवं अहमियत बलबीर निर्दोष की सिद्ध शक्तिपीठ विश्वमुखी श्री त्रिपुरमालिनी मां दरबार में है। यह वर्णन योग्य है कि प्राचीन शिव मंदिर में सिद्ध शक्तिपीठ विश्वमुखी मां त्रिपुरमालिनी दरबार प्राण प्रतिष्ठित किया गया है। इस मौके पर मां त्रिपुरमालिनी परिवार के सदस्यों ने श्री हनुमान चालीसा और मां त्रिपुरमालिनी चालीसा का 11 बार सामूहिक पाठ किया। चौकी में निर्दोष जी के शिष्य एवं विख्यात गायकों प्रवीण लक्की, कुलदीप भाटिया, राघव शर्मा, तान्या सितारा, कन्हैया मिश्रा, संजीव बब्बा ने हाजिरी भरी। उन्होंने ‘रंग भगती दा गूढ़ा तूं चढ़ादे माए निर्दोष वरगा…’ गाकर भजनों का गुणगान किया। इस मौके पर प्रधान यादव खोसला, दीपक झांजी, जगमोहन सिंह खोसला, गुरुचरण बजाज, रमेश सहदेव, गोविंद खोसला, सुनील कुमार, जुगल किशोर, सुनील अरोड़ा, कुनाल शर्मा, मनीष रेहान आदि मौजूद रहे। दरबार में मां त्रिपुरमालिनी को अलग -अलग व्यंजनों का भोग लगाया ।


