भास्कर न्यूज| महासमुंद सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर बुधवार को महाप्रभु वल्लभाचार्य कॉलेज में आवारा कुत्तों से सावधानी, बचाव और उपचार पर केंद्रित एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। प्राचार्य करुणा दुबे ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के प्रकरण के परिपालन में यह जागरूकता अभियान जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पशुओं से होने वाले संभावित नुकसान से बचाव एक सकारात्मक पहल है। इस दिशा में महाविद्यालय ने कड़े कदम उठाते हुए सुरक्षा उपायों की निगरानी के लिए एक समर्पित समिति बनाई गई है। भौतिकी के सहायक प्राध्यापक डॉ. जगदीश कुमार सत्यम् को समिति का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1100 को महाविद्यालय के मुख्य स्थानों पर चस्पा किया गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। वर्कशॉप में मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय वेटनरी पॉलिटेक्निक महासमुंद के प्राचार्य डॉ. देवेश कुमार गिरी और डॉ. गोविना देवांगन (सहायक प्राध्यापक) उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी गई। आवारा पशुओं (विशेषकर कुत्तों) के काटने से होने वाले रेबीज जैसे रोगों और उनके लक्षणों की पहचान। काटने की स्थिति में किए जाने वाले प्राथमिक उपचार और टीकाकरण की महत्ता को बताया गया। महाविद्यालय परिसर को आवारा पशुओं से मुक्त रखने के व्यावहारिक उपाय के बारे में जानकारी दी गई। इस मौके पर विजय कुमार मिर्चे, डॉ. रीता पांडे, डॉ. नीलम अग्रवाल, डॉ. आरके अग्रवाल, मनीराम धीवर सहित अन्य मौजूद थे।


