गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अमृतसर में निर्माणाधीन अत्याधुनिक लेक्चर थिएटर मार्च 2026 में बनकर तैयार हो जाएगा। 20 करोड़ रुपए से बन रहे 4 मंजिला लेक्चर थिएटर को आधुनिक शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। फिलहाल लेक्चर थिएटर का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के लिए 3 बड़े ब्रिज प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। तीनों ब्रिज 2026 में पूरे होंगे। 117 करोड़ से सुल्तानविंड नहर, न्यू अमृतसर के अलावा चाटीविंड नहर पर बने ब्रिज की चौथी लेग का काम होगा। तीनों ब्रिज पूरा होने से शहर में ढाई लाख लोगों को ट्रैफिक समस्या से राहत मिलेगी। बीआरटीएस बसें बंद होने से अब शहर में 100 ई-बसें चलाने के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसके लिए एक एकड़ जगह में मॉल मंडी में करीब पौने 3 करोड़ रुपए से इलेक्ट्रिक वर्कशॉप तैयार की जा रही है जहां ई-चार्जिंग की सुविधा होगी। अप्रैल तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि इसी साल पर शहर में ई-बसें सड़कों पर दौड़ने लगेगी। सुल्तानविंड नहर के पास फ्लाईओवर का थ्रीडी मॉडल। नगर निगम की ओर से 40 करोड़ रुपए से श्री दरबार साहिब की ओर जाती 4 सड़कों महासिंह रोड, शेरांवाला गेट, घी मंडी और रामसर रोड का काम नए साल में शुरू होगा। हेरिटेज लुक में बनाए जाने को लेकर ड्राइंग फाइनल हो चुकी है। करीब साढ़े 4 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है। काम होने के बाद सैलानियों का फुटफॉल बढ़ने से दुकानदारों को फायदा होगा। शहर के 352 किमी मेन रोड स्वीपिंग का टेंडर 10 करोड़ में फाइनल हुआ है। जनवरी में ही रोड स्वीपिंग का काम शुरू करा दिया जाएगा। रोड स्विपिंग के लिए 4 नई बड़ी गाड़ियां आएंगी। कोर्ट रोड, गोल्डन गेट, मदनमोहन मालवीय रोड जैसे अन्य जितने भी मेन रोड हैं उन्हें कवर किया जाएगा। इससे शहर साफ सुथरा नजर आएगा। एसजीपीसी की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिसंबर 2026 तक 4 नई सराय समर्पित की जाएंगी। इनमें 300 कमरे और 30 हॉल होंगे। मैनेजर गुरप्रीत सिंह ने बताया कि अंदरुन शहर स्थित बाबा साहिब चौक, चौक परागदास में, चौक फव्वारा स्थित श्री रघुनाथ मंदिर, डाकखाना के समीप सराय बनेंगी। इसके अलावा सारागढ़ी यात्री निवास के फेज टू का काम भी शुरू होगा। दुर्ग्याणा तीर्थ का 386 साल पुराना रघुनाथ मंदिर डिजिटल होगा। 2026 में 5 करोड़ रुपए से मंदिर का जीर्णोद्धार होगा। मंदिर में युवा पीढ़ी को रामायण काल की सारी जानकारी कंप्यूटर में एक क्लिक से मिलेगी। मंदिर में लगने वाले सभी कंप्यूटर 3डी होंगे। इसमें आने वाले श्रद्धालु मानों प्रभु श्री राम जी के जन्म के इतिहास के बारे जानना चाहेंगे तो उन्हें गोस्वामी श्री तुलसीदास जी की चौपाइयों के साथ प्रभु राम जी के जीवन कालीन की सारी जानकारी मिलेगी। यह मंदिर वाराणसी स्थित भगवान राम जी को समर्पित मंदिर जैसा बनेगा। इस यह 386 साल पुराना मंदिर है। दुर्ग्याणा कमेटी महासचिव अरुण खन्ना के मुताबिक, प्रभु की मूर्तियां पुरातन ही रहेंगी। पुरातन नकाशी, चित्रकारी को ठीक किया जाएगा। शहर में टीबी मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। 2026 में शहर को 35.52 करोड़ से एक नया अत्याधुनिक टीबी अस्पताल मिलने जा रहा है। अस्पताल भवन एडवांस टेक्नोलॉजी से तैयार किया जाएगा, जिसमें नई और अप-टू-डेट मशीनरी लगाई जाएगी। अस्पताल परिसर में 3 अलग-अलग बिल्डिंगों (विंग) का निर्माण किया जाएगा। पहला विंग मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी वार्ड के लिए होगा। यह ग्राउंड फ्लोर सहित 2 मंजिला बनाया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी के साथ वार्ड की व्यवस्था होगी। पहली मंजिल पर डॉक्टर रूम के साथ वार्ड बनाए जाएंगे, जबकि दूसरी मंजिल पर डॉक्टर रूम, स्टाफ रूम और प्राइवेट रूम होंगे। दूसरे विंग में बैक्ट्रोलॉजिकल लैब का निर्माण किया जाएगा। तीसरा विंग पल्मोनरी हेल्थ केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यह ग्राउंड फ्लोर सहित तीन मंजिला होगा। इसके ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी और ओपीडी बनाई जाएगी। पहली मंजिल पर आईसीयू और डॉक्टर रूम, दूसरी मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर, नर्सिंग रूम और आईसीयू होंगे। ऐसा होगा टीबी अस्पताल गुरु नगरी के लोगों को बेहतर सेहत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार अहम कदम उठाने जा रही है। एक ओर जनवरी 2026 में 21 नए आयुष्मान आरोग्य सेंटर जनता को समर्पित करने की तैयारी है, वहीं अमृतसर शहरी इलाके में 4 नए सीएचसी स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है। हेल्थ सेक्रेटरी ने डीसी को निर्देश दिए हैं कि 4 सीएचसी के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित कर विभाग को सूचित करें। कैनाल वाटर प्रोजेक्ट का काम 79 प्रतिशत पूरा हो चुका है और बाकी सितंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। काम पूरा होने के बाद 3 लाख घरों में 24 घंटे साफ पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। बता दें कि यह प्रोजेक्ट 2 साल डिले हो चुका है हालांकि अब तेजी से काम कराया जा रहा है।


