टाटीबंध में ओवरब्रिज बनाया लेकिन सर्विस रोड नहीं:रायपुर में 26 स्पॉट पर तीन साल में 260 मौतें इनमें 3 जगह ऐसी जिसे 5 साल में भी नहीं सुधारा

राजधानी की सपाट और चौड़ी सड़कों पर सबसे ज्यादा हादसे और मौतें हो रही है। ये आंकड़े कम होने की बजाय बढ़ते जा रहे हैं। यही वजह है कि इस साल ब्लैक स्पॉट की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। इनमें टाटीबंध चौक, पारागांव और सिलतरा रोड ऐसे स्पॉट हैं जो पिछले पांच साल से सुधारे नहीं गए हैं। टाटीबंध में सर्विस रोड का काम अधूरा है, इसलिए हादसे हो रहे हैं। पारागांव और सिलतरा में अंडरब्रिज बनाना विकल्प है लेकिन बनाया नहीं जा रहा है। इस वजह से इन स्पॉट पर लगातार मौतें हो रही हैं। ट्रैफिक पुलिस ने जिन ब्लैक स्पॉट की पहचान की थी, उनमें से तीन जगह रोड इंजीनियरिंग में सुधार किया गया। वहां हादसों की संख्या कम हो गई। उन तीनों स्पॉट को सूची से हटाया गया है। तीन स्पॉट हटे लेकिन चार नई सड़कें इसमें जुड़ गईं हैं। इन चार सड़कों में पिछले तीन साल से लगातार हादसे होने के साथ लोगों की जान भी जा रही है। टाटीबंध चौक
चौराहे पर ओवरब्रिज तो बन गया है लेकिन इसी के नीचे 400 मीटर की सर्विस रोड में पिछले तीन साल में 24 सड़क हादसे हुए हैं जिसमें एफआईआर हुई है। इन हादसों में 26 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 6 लोगों को गंभीर चोट आई है। चौक पर रावांभाठा बस स्टैंड की ओर से आकर भिलाई की तरफ टर्न होने वाले वाहन ओवरब्रिज के नीचे सर्विस रोड से जाते हैं। ठीक चौक के पास रायपुर से भिलाई की ओर जाने वाले वाहनों की एंट्री होती है। इसी स्पॉट पर टक्कर होती है। इन उपायों से रुक सकते हैं हादसे पारागांव: रायपुर-महासमुंद के बीच स्थित पारागांव में रेत खदान है। यहां भी डिवाइडर में कट नहीं है। लोग डिवाइडर से सड़क पार करते है। यहां पर रंबल्ड स्ट्रीप नहीं लगी हैी। पिछले तीन साल में यहां 15 हादसों में 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि 12 से ज्यादा घायल हुए हैं। सिलतरा रोड
पिछले तीन साल में यहां 14 हादसों में 19 लोगों की जान गई है। जबकि 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। ओवरब्रिज के आगे 600 मीटर का ये हिस्सा ज्यादा खतरनाक है। यहां लोग डिवाइडर से होकर सड़क पार करते हैं। इस स्पॉट पर कहीं भी डिवाइडर में कट नहीं है। यहां रंबल्ड स्ट्रीप भी नहीं लगी है। इसके बावजूद रोड रोड पार करने के दौरान तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ जाते हैं। चार स्पॉट जो नए तय हुए
आरंग तिराहा में 6 हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है। 10 से ज्यादा घायल हुए है। कोलर चौक पर 10 हादसों में 9 की मौत और 5 घायल हुए हैं। भरेंगाभाठा चौक पर 8 हादसे में 7 मौतें और 32 घायल हुए हैं। छतौना मोड के पास 7 हादसों में 6 मौत और 5 घायल हुए हैं। पुलिस हादसों की समीक्षा कर उसे रोकने के उपाय व सुधार का प्रस्ताव बनाकर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक पर रखती है। इस बार भी इन सड़कों पर क्या खामियां है और उसे कैसे सुधारा जाए। इसकी प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
– सतीश ठाकुर, डीएसपी ट्रैफिक

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *