मंडला में नाबालिगों को कफ सिरप-व्हाइटनर बेचना प्रतिबंधित:जिला प्रशासन ने लत रोकने उठाया सख्त कदम; नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

मंडला जिले में बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त फैसला लिया है। अब नाबालिग बच्चों को कॉरेक्स कफ सिरप, बोन फिक्स, व्हाइटनर, थिनर और पंचर बनाने में उपयोग होने वाला सॉल्यूशन बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति बनी कारण प्रशासन के अनुसार हाल के दिनों में समाचार माध्यमों से यह सामने आया था कि कम उम्र के बच्चे इन सामान्य उपयोग की वस्तुओं का नशे के रूप में गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इन चीजों की आसानी से उपलब्धता के कारण बच्चे नशे की चपेट में आ रहे थे, जिससे उनके स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर बुरा असर पड़ रहा है। अपराध और हादसों का भी खतरा प्रशासन ने बताया कि नशे की लत बच्चों को अपराध की ओर ले जा सकती है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि की आशंका भी बढ़ जाती है। इन गंभीर हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है। बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगा कफ सिरप आदेश में साफ किया गया है कि कोई भी दुकानदार पंजीकृत डॉक्टर की ताजा पर्ची के बिना कॉरेक्स कफ सिरप नहीं बेच सकेगा। वहीं बोनफिक्स, व्हाइटनर, पंचर सॉल्यूशन और थिनर जैसी सामग्री नाबालिग बच्चों को देना पूरी तरह मना रहेगा। नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदार या व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे बच्चों को नशे से दूर रखने में सहयोग करें और नियमों का पालन करें।

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