सवाई माधोपुर सायबर पुलिस थाना टीम ने सायबर ठगी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस ने आरोपियों से 2 लाख 40 हजार रुपए की नगदी भी बरामद की है। साथ ही 4 लाख 97 हजार रुपए होल्ड कराए हैं। फिलहाल साइबर थाना पुलिस साइबर ठगी गैंग के सरगना की तलाश में जुटी हुई है। सायबर थाना DSP राजेंद्र सिंह रावत के मुताबिक पकड़ी गई सायबर ठगी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग ने एमपी के भोपाल में भी इसी तरह दो बैंक मैनेजर से ठगी को अंजाम दिया है। पुलिस ने गैंग के सदस्य मोहम्मद सलीम पुत्र जाहिर निवासी असगरीपुर जिला अमरोहा यूपी, राजेश कुमार सैनी उर्फ सोनू पुत्र तेजराम सिंह निवासी शाहपुर जिला अमरोहा यूपी, विक्की कुमार पुत्र रमेश सिंह जाटव निवासी सलेमपुर यूपी, प्रदीप कुमार पुत्र करतार सिंह जाट निवासी गांव सुलतानपुर फलैदा फतेहपुर जिला मुरादाबाद यूपी, शुभम नारायण त्यागी उर्फ प्रिंस पुत्र मुकेश निवासी गांव बरनावा बागपथ यूपी तथा आनंद उर्फ अभिषेक पुत्र भीष्म सिंह गुर्जर निवासी गांव बीटा मेरठ यूपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से 11 मोबाइल व 2 लाख 40 हजार रुपए की नगदी बरामद की हैं। वहीं 4 लाख 97 हजार रुपए बैंक में होल्ड कराए है। सायबर ठगों ने विभिन्न बैंक खातों में लगभग तीन लाख रुपए बैंक जमा करवाए हैं। जिनकी बरामदगी के पुलिस प्रयास कर रही है। एक माह पहले SBI मैनेजर ने कराई थी रिपोर्ट दर्ज DSP राजेन्द्र सिंह रावत के अनुसार SBI कलेक्ट्रेट के प्रबंधक सीताराम मीणा से 17 दिसम्बर 2024 को 14 लाख 57 हजार रुपए की साइबर ठगी हुई थी। शाखा प्रबंधक ने रिपोर्ट में बताया कि 17 दिसम्बर 2024 को श्री कृपा फोर व्हीलर प्राईवेट लिमिटेड के पार्टनर जयदीप के नाम से अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया और फर्म के खाते की चैकबुक खत्म होना बताकर अर्जेन्ट भुगतान करने व एक करोड़ रुपए की पॉलिसी कराने का लालच देकर वाट्सअप पर फर्जी लेटरपैड भेजकर 14 लाख 57 हजार रुपए चांद एन्टरप्राइजेज मुरादाबाद के खाते में भुगतान करवा लिये। इसके बाद सायबर थाने से ASI फैयाज खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इसमें कॉन्स्टेबल दिनेश, नफीस शामिल थे। पुलिस टीम को आरोपियों की तलाश के लिए दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद के लिए रवाना किया गया। सात दिन तक पुलिस टीम ने यहां रहकर साइबर सेल की तकनीकी सहायता से आरोपियों को तलाश कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से 2 लाख 40 हजार रुपए बरामद किए व यश बैंक के खाते में 4 लाख 97 हजार रुपए होल्ड कराए। पुलिस घटना को अंजाम देने वाले मास्टर माइंड की तलाश कर रही है। DSP रावत ने बताया कि आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी संगठित रूप से एक चेन बनाकर बैंक खाते किराये पर लेकर 10 प्रतिशत कमिशन के हिसाब से खाता सरगना को उपलब्ध कराते थे। मास्टर माइंड अपने साथियों के साथ लोगों से फ्रॉड कर निकाली गई राशि उन खातों में भेज देते थे। उसी राशि को एटीएम व अन्य जरिये से नकदी निकालकर 6 आरोपी अपना कमिशन रखकर शेष राशि मास्टर माइंड को ट्रांसफर कर देते थे। गैंग अज्ञात लोगों को विश्वास में लेकर बैंक में चालू खाता खुलवाती है और उनमें फ्रॉड के पैसे का ट्रांजेक्शन करती है। पकड़ी गई सायबर ठगी करने वाली अंतर्राज्यीय गैंग के सदस्यों की ओर से पूर्व में भोपाल एमपी में इसी तरह से फोर व्हीलर कम्पनी का ऑनर बनकर बैंक ऑफ बडौदा मैनेजर से 9 लाख 90 हजार रुपए व ICICI बैंक मैनेजर से कुल 33 लाख 22 हजार रुपए फ्रॉड कर ट्रांसफर कराए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने के साथ ही सायबर ठगी गैंग के मास्टर माइंड की तलाश में जुटी हुई है।


