बालाघाट जिले में धान उपार्जन 1 दिसंबर से शुरू हो चुका है, लेकिन राइस मिलर्स ने अब तक मिलिंग के लिए अनुबंध नहीं किया है। मिलर्स ने स्पष्ट किया है कि पिछले दो सालों की बकाया राशि का भुगतान न होने तक वे मिलिंग का कार्य शुरू नहीं करेंगे। प्रशासन ने शासन के निर्देश पर सख्ती दिखाते हुए मिलिंग के भौतिक सत्यापन के साथ ही अनुबंध न करने वाले मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे जिले के मिलर्स में चिंता है, और वे लगातार अपनी मांगों के निराकरण की मांग कर रहे हैं। मिलर्स ने यहां तक कहा है कि प्रशासन चाहे तो उन्हें जेल में डाल दे या उनकी मिलों पर ताला लगा दे। शुक्रवार को मिलर्स तीसरी बार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से वर्ष 2023-2024 और 2024-2025 में हुई मिलिंग, परिवहन और बारदाने की करोड़ों रुपए की बकाया राशि के भुगतान की मांग की। नहीं करेंगे मिलिंग जिला राइस मिल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आनंद ठाकरे ने कहा कि यदि मिलिंग की बकाया राशि नहीं मिलेगी, तो वे मिल नहीं चला सकते। उन्होंने बढ़ती मजदूरी और बिजली दरों का हवाला दिया। प्रशासन द्वारा अनुबंध न करने वाले राइस मिलर्स की भौतिक जांच की जा रही है, जिसके बाद उन्होंने बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने दोहराया कि जब तक यह राशि नहीं मिलेगी, मिलिंग नहीं की जाएगी।


