भास्कर न्यूज | महासमुंद शासकीय शिक्षक होते हुए भी गलत जानकारी देकर घोषणापत्र भरकर मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा कर योजना का लाभ लेने का मामला प्रकाश में आया था। मामले में भास्कर ने 31 दिसंबर के अंक में तीर्थ यात्रा योजना का अनुचित लाभ शिक्षिका को बर्खास्त करने की मांग शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद डीईओ विजय लहरे ने गंभीरता से लिया। मामले में डीईओ ने मामले की जांच टीम गठित की है। शिकायत की जांच कर टीम को प्रतिवेदन समेत 15 दिन के भीतर सौंपना होगा। शासन से धोखाधड़ी कर मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का अनुचित लाभ लेने वाली शिक्षिका किरण पटेल शासकीय उच्च. माध्य. शाला बेमचा में पदस्थ है। शिक्षिका ने स्वयं को बीपीएल श्रेणी की सूची में फर्जी रूप से नाम जुड़वाकर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए आवेदन के साथ संलग्न घोषणा दी थी। उसमें उन्होंने शासकीय सेवक नहीं होने का उल्लेख किया। साथ ही घोषणा पत्र में हस्ताक्षर कर सत्यापित किया था। 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक महासमुंद जिला से प्रयाग राज, काशी विश्वनाथ, हनुमान मंदिर यात्रा पर समाज कल्याण विभाग महासमुंद द्वारा नागरिकों को भेजा गया था। बर्खास्त करने की मांग पूर्व पार्षद पंकज साहू ने मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग छग शासन नवा रायपुर, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर और डीईओ को पत्र प्रेषित कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने शिक्षिका को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर करने की मांग की है।


