स्वामी रामभद्राचार्य बोले- राष्ट्रग्रंथ घोषित हो रामचरित मानस:जबलपुर में वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस, सीएम ने कहा- भगवान राम ने आदर्श शासन और समरसता सिखाई

जबलपुर में शुक्रवार से 3 दिवसीय वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो रहा है। कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि आज देश में शांति-शांति नहीं, बल्कि क्रांति-क्रांति हो रही है। रामचरित मानस को राष्ट्र ग्रंथ घोषित करना चाहिए। पीएम मोदी गांधी जी के भक्त हैं, विपक्ष के लोग भी भक्त हैं। मनरेगा का नाम बदलने को लेकर भी बहुत जगह विवाद चल रहा है। गांधी जी ने कीर्तन प्रारंभ किया था कि रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद PM मोदी ने मुझसे चर्चा की थी और मैंने ही कहा था कि पाकिस्तान को दंड दिया जाए। रामायण में हनुमान जी ने कहा ‘जिन्ह मोहि मारा तिन्ह मैं मारे’ राम ने कहा ‘भय बिनु होई प्रीति’। उन्होंने कहा कि ॐ शांति नहीं, अब ॐ क्रांति का हो नारा। CM बोले- शासन-समरसता भगवान राम ने सिखाई
वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में पहुंचे सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिस जगह पर यह कार्यक्रम हो रहा है, वह जाबालि ऋषि की तपोभूमि है। आज यहां आकर धन्य हो गया हूं। भगवान राम और कृष्ण से ही दुनिया में भारत की पहचान बनी है। विश्व में प्रकाश फैलाने वाला भारत विश्व गुरु बनेगा। भगवान राम ने सिखाया है कि आदर्श शासन और समरसता। सीएम ने कहा कि युगों-युगों तक राम कथा से दुनिया को लाभ मिलेगा। कल भी राम भद्राचार्य महाराज करेंगे संबोधित
जबलपुर में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन मानस भवन में 2 से 4 जनवरी तक चलेगा। इसमें रोजाना शाम 5 बजे से सुंदर कांड पाठ होंगे। 2 और 3 जनवरी को जगदगुरु स्वामी रामाभद्राचार्य महाराज और 4 जनवरी को बाबा कल्याणदास महाराज आध्यात्मिक सत्र का संबोधन करेंगे। ट्रेडिशनल, मिनिएचर और सेंड आर्ट को किया शामिल
इस आयोजन में देश-विदेश के ट्रेडिशनल आर्ट को शामिल किया है। केरल का म्यूरल आर्ट, तंजोर चित्रण, आंध्र प्रदेश की नाक्षी गुडिया, इंडोनेशिया के शेडो पपेट, श्रीलंका का देगाल दरुआ आर्ट, थाईलैंड की कलाकृतियां भी शामिल की गई हैं। इसके अलावा 1993 में साध्वी ज्ञानेश्वरी की बनाई मार्बल टाइल पर राजस्थानी मिनिएचर आर्ट सहित सेंड आर्ट लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ये भी हुए शामिल
चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ में सीएम मोहन यादव शुक्रवार दोपहर को जबलपुर स्थित मानस भवन पहुंचे, उनके साथ केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हुए थे। इनके अलावा लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक, पद्मभूषण डेविड फ्राले भी मौजूद रहें।

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