राजस्थान अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के सदस्य प्रो. राजीव सक्सेना और मोहन मोरवाल ने शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ओबीसी वर्ग से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना था। राजस्थान ओबीसी आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि आयोग के सदस्यों ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों और विभिन्न हितधारकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान प्रो. सक्सेना ने बताया कि आयोग सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए प्रदेश के ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में ओबीसी वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति, उसके प्रभावों और वास्तविक स्थिति का पारदर्शी, प्रमाण-आधारित और अनुभवजन्य अध्ययन कर रहा है। जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त सुझावों के आधार पर आयोग एक समग्र और तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार करेगा। यह रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाएगी, जिससे ओबीसी वर्ग को न्यायोचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त हो सके। सदस्य मोहन मोरवाल ने कहा कि सरकार की मंशा जनसंख्या के अनुपात में पिछड़े वर्ग के हर व्यक्ति को उसका हक दिलाना है। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण को अत्यंत आवश्यक बताया। मोरवाल ने यह भी कहा कि आयोग का प्रयास रहेगा कि ओबीसी वर्ग को समुचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देकर समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। जनसंवाद को संबोधित करते हुए प्रो. राजीव सक्सेना ने आगे कहा कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में अधिवक्ताओं का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आगामी निकाय चुनाव में आयोग की यह रिपोर्ट एक मील का पत्थर साबित होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व के माध्यम से ओबीसी वर्ग के विभिन्न समाजों को अपना प्रतिनिधि मिल सकेगा। प्रो. सक्सेना ने बताया कि जिला स्तर पर इन कार्यक्रमों का आयोजन इसलिए किया जा रहा है ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की आवाज भी मुख्यधारा तक पहुंच सके और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। जातिगत जनगणना और आरक्षण पर हुई चर्चा कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक प्रतिनिधियों ने ओबीसी वर्ग के उत्थान के लिए मुखर होकर अपनी बात रखी। जनसंवाद में यह मांग प्रमुखता से उठी कि ओबीसी वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए जातिगत जनगणना अनिवार्य रूप से कराई जानी चाहिए। साथ ही, प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि जिस प्रकार अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST) को शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्रों में आरक्षण का लाभ मिल रहा है, उसी तर्ज पर ओबीसी वर्ग को भी पूर्ण लाभ दिया जाए। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन की भी मांग की गई ताकि वे देश की तरक्की में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य ओबीसी वर्ग का सर्वांगीण विकास है, ताकि समाज का हर व्यक्ति विकास की राह में खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर सके। इस अवसर पर नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अनुसंधान सेल) जसवीर मीणा, नैनवां नगर पालिका अध्यक्ष अनिता नागर, संजय लाठी, राधेश्याम गुर्जर सहित विभिन्न समाजों व संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


