भास्कर न्यूज | दुमका सरदार पटेल चौक पर पटेल सेवा संघ, शहीद सरदार भागवत राउत विचार मंच एवं सिविल सोसायटी दुमका के संयुक्त तत्वावधान में सावित्रीबाई फुले जी के 195वें अवतरण दिवस के अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पण का भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन विविध सचिव संदीप कुमार ‘जय बमबम’ ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका बीके जयमाला देवी एवं बीके रेखा उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में दास कुमार एक्का (सहायक निदेशक, उद्योग-रेशम, दुमका), कैप्टन दिलीप झा, सिविल सोसायटी दुमका के अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, अरुण कुमार सिन्हा, भवानी शंकर प्रसाद, प्लस टू जिला स्कूल के प्राचार्य महेंद्र राजहंस, संजय कुमार सिंह, निवास रजक, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक राम प्रवेश साह, विनोद कुमार राउत, गजेन्द्र कुमार, नंदकिशोर राउत, रवि कुमार गोलू, सत्यम यादव, अधिवक्ता मोहम्मद शमशाद अंसारी, अधिवक्ता रमेश कुमार गुप्ता तथा वरिष्ठ पत्रकार गौतम कुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने सावित्रीबाई फुले जी के प्रेरणादायी जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सम्पूर्ण क्रांति केवल हथियारों से नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से भी संभव है। शिक्षा अज्ञानता, शोषण, असमानता और दासता के विरुद्ध सबसे सशक्त हथियार है। वक्ताओं ने कहा कि पति ज्योतिबा फुले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करने वाली सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा को अधिकार के रूप में स्थापित किया। आध्यात्मिक भारत में महिला सशक्तिकरण और नारीवाद की प्रतीक बताते हुए उनके 195वें अवतरण दिवस पर सभी ने शत-शत नमन किया।


