कंपनी बाग में चल रहे 3 क्लबों अमृतसर क्लब, सर्विस और लम्सडन क्लब को 10 साल 2013-14 से 2023-24 तक का प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी नोटिस भेजकर निगम के अफसर खुद ही फंस गए हैं। दरअसल, अब तक निगम खुद को इस जगह का लैंड लॉर्ड बताता रहा है जिस कारण से कभी भी प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस जारी नहीं किया गया। चूंकि प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित नोटिस निगम किराएदार को नहीं भेज सकता है जबकि तीनों क्लब निगम के किराएदार हैं। ऑनर खुद निगम है। बता दें कि जारी किए गए नोटिस में नॉर्थ हलका के सुपरिंटेंडेंट दविंदर बब्बर के साइन हैं। नोटिस में लिखा है कि लोकल बॉडीज विभाग की नोटिफिकेशन के अनुसार रिहायशी/व्यापारिक इमारत का वित्तीय साल 2013-14 से प्रॉपर्टी टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है। हिदायत अनुसार टैक्स 31 मार्च 2022 तक भरा जाना था लेकिन निगम की ओर से करवाए सर्वे डाटा/रिकार्ड मुताबिक आज तक साल 2013-14 से 2023-24 की प्रॉपर्टी टैक्स रिटर्न जुर्माने और ब्याज सहित जमा कराएं। नोटिस मिलने के 3 दिन के अंदर अदायगी की जाए। नोटिस का पालन न करने प्रॉपर्टी को सील करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद निगम अफसर भी अंदरखाते हरकत में आ गए हैं कि इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है। फिलहाल, अब इस नोटिस को वापस लेने की तैयारी चल रही है। निगम अफसरों का कहना है कि किसी ने क्लबों के खिलाफ शिकायत दी थी। जिसके बाद यह नोटिस रूटीन की तरह जारी कर दिया जो गलत है। अंग्रेजों के समय रामबाग कंपनी (गार्डन) में 80 से 115 साल पुराने 3 क्लब बने थे। निगम ने क्लबों को चलाकर रेवेन्यू एकत्रित करने के लिए 44 साल पहले 1981 में 10 साल के लिए लीज पर दिया था। 34 साल पहले 1991 में लीज एग्रीमेंट खत्म हो चुका है। वहीं, 7 साल पहले निगम व एएसआई विभाग के बीच एग्रीमेंट हुआ था कि क्लबों की तरफ से जो अवैध कब्जा किया गया है, उसे हटा दिया जाएगा लेकिन यह कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रह गई। कार्रवाई न होने की वजह क्लबों का हाईकोर्ट में केस करना बताया जा रहा है। दरअसल, 28 साल पहले बीते 8 अक्टूबर 1997 को केंद्र सरकार ने रामबाग को प्रोटेक्टेड एरिया बनाने का नोटिफिकेशन जारी किया था जबकि 21 साल पहले मोनोमेंट (ऐतिहासिक जगह) घोषित कर दिया था। वहीं, 23 साल पहले 2002 में अमृतसर विकास मंच संस्था ने क्लबों के कंपनी बाग में चलने से पर्यावरण को नुकसान बताते हुए बाहर निकालने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। मामले में सुनवाई चल रही है। अगली डेट 22 जनवरी-2026 को लगी है। बता दें कि लम्सडन क्लब 1909, अमृतसर क्लब 1920 और सर्विस क्लब 1945 में बना था। वहीं, 1958 में म्यूनिसिपल कमेटी स्टेब्लिश हुई तो 1868 में अस्तित्व में आई थी। 1977 में फॉर्मूला पेश किया गया था और 1991 में पहला चुनाव कराया गया था। निगम के असिस्टेंट कमिश्नर विशाल वधावन का कहना है कि नोटिस गलती से निकाला गया है। इसे वापस लिया जाएगा। कंपनी बाग में जो 3 क्लब बने हैं उनका लैंड लॉर्ड खुद निगम है। किराएदार से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं वसूल की जा सकती। मालिक से ही टैक्स रिकवर किया जा सकता है। इसलिए नोटिस भी लैंड लॉर्ड को ही देना होता है। हो सकता है कि रुटीन की फाइलों में साइन करा लिया गया हो। पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी कि किस जगह पर चूक हुई है। इसे जल्द सही करा दिया जाएगा। फिलहाल नोटिस को वापस लेने की तैयारी कर चल रही है।


