निगम के चारों जोनों के एटीपी की अवैध इमारतों को लेकर सौंपी रिपोर्ट और दिए एनओसी सर्टिफिकेट को शनिवार को डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने चुनौती दी है। चारों जोनों में चंद घंटों की जांच के बाद 50 से ज्यादा अवैध इमारतों की सूची तैयार कर डिप्टी मेयर ने दावा किया कि जिन इमारतों में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण लगातार जारी है। प्रिंस जौहर के अनुसार सबसे बड़ा उल्लंघन पार्किंग नियमों की है। कई जगहों पर 100 फीसदी प्लॉट कवर कर इमारतें खड़ी की जा रही हैं। न तो पार्किंग की जगह छोड़ी जा रही है और न ही बिल्डिंग बायलॉज का पालन हो रहा है। डिप्टी मेयर ने कहा कि सोमवार को वह निगम कमिश्नर से मुलाकात कर बिल्डिंग ब्रांच द्वारा सौंपी गई कथित झूठी रिपोर्ट की सच्चाई सामने रखेंगे। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग भी की जाएगी। उधर, मामले में एमटीपी रणजीत सिंह ने कहा कि एटीपी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट की अभी क्रॉस वेरिफिकेशन होनी बाकी है। डिप्टी मेयर की ओर से जो भी अवैध इमारतों की सूची निगम को सौंपी जाएगी, उसकी भी जांच की जाएगी। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यहां बताईं अवैध इमारतें डिप्टी मेयर की सूची के अनुसार जोन-डी के बैक साइड बीआरएस नगर रोड, मॉडल टाउन और मेन दीप अस्पताल रोड, मिंट गुमरी रोड तथा मॉडल टाउन के रिहायशी इलाकों में अवैध कमर्शियल इमारतों की संख्या काफी ज्यादा है। दुगरी समेत न्यू संत फतेह सिंह नगर रोड, मॉडल टाउन के नजदीक प्रमुख बेकरी, हरनाम दास जौहर कोठी के आसपास, मठारू रोड, दाना मंडी रोड, एटीआई रोड, साउथ सिटी रोड पर नहर किनारे बाड़ेवाल कट के ठीक पास में अवैध कमर्शियल इमारतें बनने का दावा किया गया है। इसके अलावा चिमनी रोड समेत कई इलाकों की भी सूची तैयार की गई है।


