भास्कर न्यूज | पलारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर गुरुर खंड के मंडल फागुनदाह में हिंदू सम्मेलन हुआ। क्षेत्र के नौ गांवों से बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबियों की सहभागिता देखने को मिली।मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ प्रांत सेवा प्रमुख तुलसीदास ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। सनातन संस्कृति हमारी पहचान है, जिसे परिवार, समाज और राष्ट्र के स्तर पर सहेजने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा, समरसता और राष्ट्रभक्ति मूल तत्व हैं, और संघ इन्हीं मूल्यों के आधार पर समाज को संगठित करने का कार्य कर रहा है। तुलसीदास ने युवाओं से आह्वान किया कि वे संस्कार, चरित्र और राष्ट्रहित को जीवन का आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना से ही राष्ट्र सशक्त बनता है। जब समाज संगठित होता है, तब किसी भी प्रकार की चुनौतियों का सामना सहजता से किया जा सकता है। सभी वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण पर जोर दिया। सम्मेलन में फागुनदाह, उतरवारा, नरबदा, सरबदा, दर्रा, खर्रा, दियाबाती, भर्रीगांव एवं पेरपार से लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में सामाजिक प्रमुख जितेंद्र शर्मा, सुनीता साहू, जिला कार्यवाह संतोष साहू, जिला प्रचारक, विभाग व्यवस्था प्रमुख मिलेंद्र, खंड कार्यवाह सुपेश साहू, सह खंड कार्यवाह लिकेश हिंदू, जिला शारीरिक प्रमुख जितेंद्र साहू आदि उपस्थित रहे।


