बिलासपुर| पौष पूर्णिमा एवं छेरछेरा पर रियल हैवंस स्थित शिव मंदिर में शुभमविहार मानस मंडली द्वारा 179वां सुंदरकांड पाठ किया गया। कार्यक्रम एके स्वर्णकार ने कराया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद विचार गोष्ठी हुई। इसमें सभी ने भारत के शासकीय कार्यों में ग्रेगोरियन कैलेंडर के स्थान पर शक संवत को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की गई। ललित हीरालाल गर्ग ने कहा कि शक संवत एक सौर कैलेंडर है, जिसमें वर्ष का आरंभ 1 चैत्र (22 मार्च) से होता है, जबकि लीप वर्ष में यह 21 मार्च से प्रारंभ होता है। इसमें महीनों के दो पक्ष नहीं होते और तिथियां ग्रेगोरियन कैलेंडर की तरह क्रमिक रूप से चलती हैं। यह सामान्यतः ग्रेगोरियन वर्ष से 78 वर्ष पीछे चलता है। इस अवसर पर अखिलानंद पांडेय, ललित अग्रवाल, एके स्वर्णकार, सुरेंद्र दुबे, प्रमोद अवस्थी, डीपी सक्सेना, नरेंद्र गोपाल, अखिलेश द्विवेदी, भूपेंद्र यादव, विजय मिश्र, आशीष दुबे, अशोक मिश्रा, प्रवीण बंसल, हरि अग्रवाल, ईश्वर तिवारी, सूरजमल अग्रवाल, दीपक खंडेलवाल सहित अन्य मौजूद रहे।


