तीनों डैम व हिनू, हरमू नदी की होगी ड्रोन मैपिंग, पिलर लगेगा

झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रांची के जलाशयों को एक बार फिर अतिक्रमणमुक्त करने की कवायद शुरू होगी। कांके,धुर्वा, गेतलसूद डैम और हरमू-हिनू नदी की वास्तविक सीमा का पता लगाने के लिए ड्रोन मैपिंग की जाएगी। मूल नक्शा से डैम और नदी के क्षेत्र का मिलान किया जाएगा। इसके बाद कब्जा वाले क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके बाद जलाशयों को अतिक्रमण से बचाने के लिए चारों ओर पिलर लगाए जाएंगे। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार को धुर्वा डैम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को धुर्वा डैम सहित सभी जलाशयों का सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा। इसके लिए रोस्टर के अनुसार टीम को काम सौंपने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त करने के बाद उसके सौंदर्यीकरण की योजना भी तैयार करें। साथ ही एक बार अतिक्रमण हटने के बाद दुबारा कब्जा न हो, इसके लिए पूरी योजना तैयार करने के लिए कहा गया। 85 करोड़ खर्च, पर नहीं बदली सूरत, पेमेंट नहीं तो मेंटनेंस बंद
हरमू नदी के जीर्णोद्धार का काम 2015 में शुरू हुआ था। इस पर नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने करीब 85 करोड़ रुपए खर्च किए। 20 से 30 फीट चौड़ाई में फैली नदी सिमट कर 10 फीट में रह गई। नदी के जीर्णोद्धार का काम करने वाली कंपनी को ऑपरेशन- मेंटनेंस का पैसा नहीं दिया गया। इसके बाद कंपनी ने दो साल पहले साफ-सफाई का काम पूरी तरह बंद कर दिया। हरमू नदी में100 सफाई मित्र उतरे, कचरा साफ नहीं हुआ निगम प्रशासक सुशांत गौरव के निर्देश पर निगम की टीम शनिवार को हरमू नदी की सफाई कराने उतरी। करीब 100 सफाईकर्मी, पोकलेन सहित अन्य संसाधन लगाए गए। इसके बावजूद नदी से सारा कचरा साफ नहीं हुआ। हालांकि, हरमू मुक्ति धाम के पास वर्षों से जमे कचरा, प्लास्टिक, गाद व गंदगी निकाले गए। इस दौरान निगम प्रशासक स्वयं जायजा लेने पहुंचे थे।

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