भास्कर न्यूज | कवर्धा शहर के मठपारा स्थित बूढ़ा महादेव मंदिर के पीछे 28 दिसंबर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सात दिवसीय कथा में कथावाचक धनंजय दुबे द्वारा संगीतमय प्रवचन किया जा रहा है, वहीं परायणकर्ता अमर तिवारी हैं। यजमान चंद्रेश यादव ने बताया कि कथा के पहले दिन नगर में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां एवं श्रद्धालु शामिल हुए। दोपहर 12 बजे से कथा प्रारंभ होकर संध्या तक चल रही है। पहले दिन कथा वाचक ने श्रद्धालुओं को भागवत महिमा का महत्व बताते हुए भक्ति मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर को नारद मुनि के जन्म और राजा परीक्षित को श्राप की कथा सुनाई गई। 30 दिसंबर को भगवान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग एवं ध्रुव चरित्र का वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। 31 दिसंबर को प्रहलाद कथा और वामन अवतार की लीला का वर्णन हुआ। नए वर्ष के पहले दिन 1 जनवरी को रामावतार एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा का संगीतमय वाचन किया गया। तुलसी वर्षा के साथ होगा इसका समापन चंद्रेश ने बताया कि 2 जनवरी को भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं एवं रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई गई। वहीं 3 जनवरी को प्रद्युम्न जन्म और सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भक्ति और मित्रता के भाव से जोड़ दिया। कथावाचक धनंजय दुबे ने सरल भाषा में कथा का सार समझाते हुए जीवन में धर्म, भक्ति और सदाचार अपनाने का संदेश दिया। बताया कि 5 जनवरी को तुलसी वर्षा एवं पूर्णाहुति के साथ श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन होगा। आयोजन स्थल पर भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण एवं व्यवस्था भी की गई है।


