विश्व प्रसिद्ध जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) का 18वां संस्करण इस साल 30 जनवरी से 3 फरवरी तक होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होगा। साहित्य, विचार और कला के इस महोत्सव में कला को विशेष महत्व दिया गया है। फेस्टिवल के कला सत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कलाकार, कला इतिहासकार और नवोन्मेषी विचारक हिस्सा लेंगे। कला का अर्थशास्त्र: नीति, नवाचार और समावेशन सेशन में संयुक्त अरब अमीरात की राज्य मंत्री नूरा बिन्त मोहम्मद अल काबी, ब्रिटिश काउंसिल के सीईओ स्कॉट मैकडोनाल्ड, ललित कला संग्रहालय, ह्यूस्टन के निदेशक गैरी टिनटेरो और मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट के सीईओ मैक्स हॉलेइन जैसे दिग्गज हिस्सा लेंगे। सत्र में चर्चा होगी कि कैसे सरकारी पहल, फंडिंग और सार्वजनिक-निजी भागीदारी कला और संस्कृति के क्षेत्र में स्थायी अर्थव्यवस्था को आकार देती है। अजंता की गुफाएं: प्राचीन बौद्ध चित्रकला प्रसिद्ध कला इतिहासकार बेनॉय के. बहल और फेस्टिवल के सह-निदेशक विलियम डैलरिम्पल इस सत्र में अजंता की गुफाओं की भित्तिचित्र कला के वैश्विक प्रभाव और ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा करेंगे। डच कला और संस्कृति का मोहक संसार सेशन में पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक बेंजामिन मोजर दो सत्रों में डच कला और इतिहास पर चर्चा करेंगे। द अपसाइड-डाउन वर्ल्ड: मीटिंग विद द डच मास्टर्स में मोजर और कला इतिहासकार गैरी टिनटेरो डच कला और नीदरलैंड्स की यात्रा पर चर्चा करेंगे। इट्स डच टू मी में मोजर और ईरानी-डच लेखक कादर अब्दुल्ला डच कला और भाषा की स्थायी परंपराओं को रेखांकित करेंगे। कला पर आधारित किताबों का लोकार्पण फेस्टिवल में कला पर दो महत्वपूर्ण किताबों का लोकार्पण होगा। इसमें अलका पांडे, बुलबुल शर्मा और वायु नायडू की देवी एंड हर अवताराज पुस्तक भारतीय पौराणिक कथाओं और कला में स्त्री के शक्तिशाली अवतारों की खोज करती है। हर्षा दहेजिया की द थर्ड आई ऑफ इंडियन आर्ट पुस्तक भारतीय कला के आध्यात्मिक और दार्शनिक आयामों पर केंद्रित है। इन दोनों का यहां लोकार्पण होगा। ओजस आर्ट अवॉर्ड और अन्य कला प्रदर्शनियां फेस्टिवल में ओजस आर्ट अवार्ड के तहत गोंड कला के कलाकार राम सिंह उर्वेती और लघु कला के कलाकार विनीता शर्मा और अजय शर्मा को सम्मानित किया जाएगा। राम सिंह उर्वेती 8×12 फुट की विशाल गोंड कलाकृति का प्रदर्शन करेंगे और दरबार हॉल में लाइव पेंटिंग से दर्शकों को गोंड कला के निर्माण की झलक दिखाएंगे। ग्राफिक उपन्यासकार और कलाकार अभिषेक सिंह की किताब हाइम्स ऑफ मेधिनी और राम सिंह उर्वेती पर आधारित किताब अनॉदर मास्टर पर चर्चा भी होगी। कश्मीरी कलाकार वीर मुंशी द्वारा पारंपरिक पेपर-माचे और कलमकारी पर आधारित एक विशेष इंस्टॉलेशन प्रस्तुत किया जाएगा। फोटोग्राफर विक्की रॉय की एबिलिटी इन डिसबिलिटी श्रृंखला की 20 से अधिक तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी, जो विकलांग व्यक्तियों की ताकत और दृढ़ता की प्रेरणादायक कहानियां बयां करेंगी। फेस्टिवल के आर्ट-एडवाइजर और ओजस आर्ट दिल्ली के डायरेक्टर अनुभव नाथ ने कहा- जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने हमेशा कला, साहित्य और विचारों के संगम का जश्न मनाया है। इस वर्ष, हम दृश्य अनुभवों की एक श्रृंखला प्रस्तुत कर रहे हैं जो कलात्मक नवाचार का उत्सव मनाते हुए स्वदेशी कलाकारों को मंच प्रदान करती है। फेस्टिवल के निर्माता और टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने कहा कि यह फेस्टिवल कला की बदलाव लाने वाली ताकत में विश्वास रखता है। किताबों, शब्दों, विचारों और कलात्मक परंपराओं की एक श्रृंखला के उत्सव के माध्यम से संवाद और परस्पर-संबंधों को बढ़ावा देता है।


