मोहाली जिले के डेराबस्सी में सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां नगर कीर्तन के दौरान मुस्लिम वेलफेयर कमेटी (8360) ने लंगर का आयोजन किया। इस पहल ने सिख-मुस्लिम एकता और देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को मजबूत करने का संदेश दिया। लंगर में राहगीरों, स्थानीय निवासियों, सिख संगत और अन्य धर्मों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। हर वर्ष होता है आयोजन कमेटी के सदस्यों और युवाओं ने बिना किसी भेदभाव के सेवा भावना के साथ सभी को भोजन परोसा। आयोजन स्थल पर “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मुस्लिम वेलफेयर कमेटी (8360) के पदाधिकारियों ने बताया कि यह लंगर हर वर्ष इस पवित्र दिन पर आयोजित किया जाता है। सिख संगत ने की सराहना स्थानीय लोगों और सिख संगत ने मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और आपसी विश्वास को मजबूत करने में सहायक होते हैं। लोगों का मानना था कि जब विभिन्न धर्मों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में सहयोग करते हैं, तो इससे देश की एकता और अखंडता को नई मजबूती मिलती है। भाईचारे का संदेश देना उद्देश्य नगर कीर्तन के दौरान लंगर सेवा शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुई। आयोजन में शामिल युवाओं ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल सेवा करना और भाईचारे का संदेश फैलाना है। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिन्होंने कमेटी के इस कदम को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। डेराबस्सी में आयोजित इस लंगर ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि विभिन्न धर्मों की आपसी समझ और सहयोग से ही एक मजबूत, शांतिपूर्ण और समरस समाज का निर्माण संभव है।


