निरसा थाना क्षेत्र के कालीमाटी गांव में नए साल के पहले दिन हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करते हुए घटना में प्रयुक्त देशी पिस्टल भी बरामद कर ली है। फायरिंग की यह वारदात 01 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे हुई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही निरसा थाना प्रभारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिवा गश्ती पदाधिकारी को घटनास्थल पर भेजा। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और साक्ष्य संकलन किया। घटनास्थल से कुल छह खोखे बरामद किए गए, जिससे यह साफ हो गया कि फायरिंग कई राउंड की गई थी। लेन-देन का विवाद बना हिंसा की वजह जांच के दौरान सामने आया कि वादी निरंजन कुमार चौहान और अभियुक्त पक्ष के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने पहले गाली-गलौज और फिर मारपीट का रूप ले लिया। हालात बिगड़ते देख अभियुक्त युवराज सिंह ने अपने पास रखी देशी पिस्टल निकालकर कई राउंड फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई। पांच आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी वादी के लिखित आवेदन के आधार पर निरसा थाना में आर्म्स एक्ट के तहत पांच आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में छापामारी कर रही थी। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी, हथियार बरामदलगातार दबिश के बाद पुलिस को 03 जनवरी 2026 को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने मुख्य आरोपी युवराज सिंह (20 वर्ष), पिता गुरूपदो सिंह, निवासी माताडीह कॉलोनी, थाना निरसा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल भी बरामद की गई। पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी युवराज सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ निरसा थाना में पहले भी कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के हवाले कर दिया जाएगा।


