शहर में अब सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्रैफिक सिग्नल शुरू हो गया है। इससे न सिर्फ बिजली की बचत होगी, बल्कि बिजली जाने पर भी सिग्नल बंद की समस्या नहीं आएगी। पहले चरण में शहर में चार चौराहों पर सोलर पैनल से चलने वाले इन ट्रैफिक सिग्नल को शुरू किया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रदेश के पांच शहरों में यह शुरुआत की गई है। इसमें उज्जैन के अलावा इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया घासमंडी सांदीपनि चौराहा, सी-21 मॉल के सामने नानाखेड़ा, दौलतगंज चौराहा और खाकचौक चौराहा पर सोलर पॉवर से चलने वाले इन ट्रैफिक सिग्नल को लगाया गया है। इन चार जगहों पर लगाए सिग्नल बिजली की बजाय पूरी तरह सोलर पॉवर से संचालित हो रहे हैं। बिजली कट हो जाने पर भी यह सिग्नल बंद नहीं होंगे। बिजली की भी बचत होगी। प्रत्येक सिग्नल पर 14 लाख रुपए की लागत आई है। इन चार सिग्नल को मिलाकर शहर में अब कुल ट्रैफिक सिग्नल पाइंट की संख्या 20 हो गई है। एआई का भी उपयोग सौर ऊर्जा से चलने वाले इन ट्रैफिक सिग्नल की खासियत यह भी है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) इनेबल्ड हैं। पुलिस अधीक्षक शर्मा ने बताया इंटेलीजेंस मैनेजमेंट के अंतर्गत सिग्नल पर लगाए कैमरे के आधार पर यह गणना की जाएगी कि किस दिशा से ट्रैफिक का फ्लो अधिक और कम हो रहा है। जिस दिशा से ट्रैफिक ज्यादा हो रहा होगा, वहां ग्रीन सिग्नल टाइम को बढ़ाया जाएगा। आगामी समय में सिग्नल पर लगाए कैमरे भी सोलर पॉवर से कवर्ड किए जाएंगे। एसपी ने बताया भविष्य में अब सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले ट्रैफिक सिग्नल ही लगाए जाएंगे।


