विदिशा| मध्यप्रदेश में पहली बार एशियन वाटर बर्ड सेंसस 2026 के तहत जलीय पक्षियों की गणना की गई। यह गणना शनिवार और रविवार को सुबह 7 से 10 बजे तक हुई। विदिशा जिले में 7 जल निकायों पर 6 टीमों ने दो दिन तक पक्षियों की गिनती की। बासौदा के तालाब में 40 और हलाली डेम पर 20 प्रजातियों के जलीय पक्षी मिले। गणना ई-बर्ड संस्था और प्रदेश सरकार ने मिलकर कराई। दो दिन की गणना इसलिए की गई ताकि आंकड़ों में कोई कमी न रहे और दूसरे दिन क्रॉस चेक हो सके। आईटी कर्मियों की टीमों ने मोबाइल एप और गूगल फॉर्म से रियल टाइम डाटा अपलोड किया। सुबह 8 और शाम 5 बजे की स्थिति के अनुसार ओके रिपोर्ट से प्रगति की समीक्षा की गई। फील्ड पर वन विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षित बर्डर्स, पक्षी विशेषज्ञ जितेंद्र शर्मा, वनरक्षक रितुराज केथोरिया और देवेंद्र सिंह राजपूत की टीमों ने काम किया। सुबह का समय गणना के लिए उपयुक्त एसडीओ हिमांशु त्यागी ने बताया, सुबह के समय ट्रैफिक और शोर कम रहता है, इसलिए यह समय पक्षियों की गिनती के लिए उपयुक्त है। गणना के लिए विशेष दूरबीन और कैमरों का उपयोग किया गया। जिले के हलाली डेम, कागपुर तालाब, उदयगिरि जलाशय, हैदरगढ़ तालाब, गुन्नौठा तालाब, त्योंदा डेम और पठारी तालाब पर यह सर्वे हुआ।


