भोपाल का वन विहार यह साल में पर्यटकों के लिए बड़ी सौगात लेकर आ रहा है। आने वाले महीनों में यहां ऐसे वन्यजीव देखने को मिलेंगे, जो अब तक न सिर्फ भोपाल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में कहीं नजर नहीं आते थे। वन विहार में पहली बार गैंडे का जोड़ा आएगा, वहीं अफ्रीका के जेब्रा और जिराफ भी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाएंगे। वन विहार प्रबंधन के अनुसार असम से गैंडे का एक जोड़ा लाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इसके बदले मध्यप्रदेश से तीन बाघ असम भेजे जाएंगे। संभावना है कि मार्च के दूसरे सप्ताह तक गैंडे का जोड़ा भोपाल पहुंच जाएगा। खास बात यह है कि फिलहाल मध्यप्रदेश के किसी भी चिडियाघर या वन क्षेत्र में गैंडा मौजूद नहीं है। ऐसे में वन विहार प्रदेश का पहला ऐसा केंद्र बनेगा, जहां पर्यटक गैंडे को बेहद करीब से देख सकेंगे। गैंडे का यह जोड़ा असम के असम स्टेट जू कम बॉटनिकल गार्डन, गुवाहाटी से लाया जाएगा। वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि गैंडे के जोड़े के लिए विशेषज्ञों के अनुसार बाड़े को तैयार किया जा रहा है। उनके रहन-सहन, भोजन, पानी और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से की जा रही हैं, ताकि नए माहौल में ढलने में गैंडे के जोड़े को कोई परेशानी न हो। अफ्रीका महाद्वीप के बोत्सवाना से आएंगे जेब्रा और जिराफ इसके साथ ही वन विहार में अफ्रीकी मूल के जेब्रा और जिराफ लाने की भी योजना पर तेजी से काम चल रहा है। ये दोनों वन्यजीव अफ्रीका महाद्वीप के बोत्सवाना से जोड़े में लाए जाएंगे। चूंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का मामला है, इसलिए जरूरी अनुमति और औपचारिकताओं में समय लग रहा है। अधिकारियों के अनुसार जेब्रा और जिराफ के जुलाई से नवंबर के बीच आने की संभावना है। विदेशी जीव पहली बार आएंगे वन विहार वन विहार में अब तक बाघ, शेर, तेंदुआ, भालू, हिरण और अन्य वन्यजीव पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं। अभी वन विहार में भारत के वन्य जीवों को लाया जाता था। पहली बार विदेशी वन्य जीव जेब्रा और जिराफ इसका हिस्सा बनेंगे। इससे वन विहार को देश में अलग पहचान मिलेगी। खासतौर पर बच्चों के लिए यह नया अनुभव होगा, क्योंकि वे इन जीवों को किताबों या टीवी पर ही देखते आए हैं। अधिकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर रहे काम असम से मार्च तक एक गेड़े (ग्रेट इंडियन राइनो) का जोड़ा लाया जा रहा है। वहीं बोत्सवाना से भी जेब्रा और जिराफ का जोड़ा लाया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योजना के क्रियान्वयन पर काम कर रहे हैं।-शुभरंजन सेन, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ


