एलिवेटेड रोड के पहले चरण में चल रहे काम के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही बीते सप्ताह से बेशक तेज हुई हो। लेकिन इसके रूट में दो प्वाइंट पर कार्रवाई करने से अब भी अधिकारी हाथ पीछे खींच रहे हैं और ये दोनों प्वाइंट बड़े अतिक्रमण की चपेट में हैं, साथ ही इन प्वाइंट पर एलिवेटेड के मेन कॉरिडोर व लूप का काम होना है। यह अतिक्रमण न होने के कारण 8 पिलर का काम शुरू नहीं हो पा रहा। इसके अलावा हजीरा के मुख्य लूप का भी काम शुरू नहीं हो रहा। 6.5 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड रोड के लिए रमटापुरा, महलगांव, रानीपुरा और मोहम्मदपुर से अतिक्रमण हटाया जाना था। जिसमें से रमटापुरा गांव के ये 28 मकान एवं रानीपुरा गांव की 21 दुकानों को लेकर पिछले डेढ़ वर्ष से कवायद सिर्फ कागजों में ही चल रही है। एसडीएम बोले- सभी नोटिस दिए
एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव का कहना है कि इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए सभी नोटिस दिए थे। जल्द अतिक्रमण हटाकर जमीन खाली कराई जाएगी। हजीरा पुल: सड़क की जमीन, विस्थापन पर अटका मामला
किलागेट से हजीरा रूट पर बने पुल के पास स्थित 21 दुकानें तोड़ने के लिए डेढ़ वर्ष से कागजी प्रक्रिया ही चल रही। सिविल अस्पताल की लाइन में ये दुकानें पीडब्ल्यूडी की सड़क के सर्वे नंबर पर बनी हैं। अतिक्रमण के दायरे में आई इन दुकानों को हटाने के लिए कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी। जबकि, अंतिम नोटिस की मियाद कई महीनों पहले निकल चुकी है। जबकि किलागेट की ओर जाने वाले रास्ते से दुकानें पहले ही हटा दी गईं। अब इन दुकानों के न हटने के कारण हजीरा से एलिवेटेड रोड की लूप का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। छिद्दे का पुरा: मेन कॉरिडोर, लूप का काम अटका
लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पीछे स्थित छिद्दे का पुरा में 28 मकान और गंगादास की बड़ी शाला के पास स्थित कुछ मकानों का अतिक्रमण नहीं हट रहा है। ये मकान जल संसाधन विभाग द्वारा अधिग्रहित जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए हैं। इनको हटाने के लिए नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा। लोग सरकार से दूसरे मकान की मांग कर रहे हैं, जबकि अतिक्रमणकारी होने की वजह से इनका विस्थापन नहीं किया जा सकता। इस वजह से 8 पिलर और लक्ष्मीबाई एंट्री लूप का काम नहीं हो पा रहा।


