दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले में दूषित पानी की आपूर्ति रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी नगर पालिका सीएमओ और जनपद सीईओ को पाइपलाइनों की जांच करने और फिल्टर प्लांट के पानी का निरीक्षण करने को कहा है। यह निर्देश इंदौर में दूषित पानी पीने से 16 लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए शासन की ओर से जारी निर्देशों के तहत दिए गए हैं। दमोह शहर के कई इलाकों में पानी की पाइपलाइनें नालियों से होकर गुजरती हैं और उनमें लीकेज की शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे दूषित पानी मिलने और लोगों के बीमार होने की आशंका बनी हुई है। पानी सप्लाई जांच के कलेक्टर ने दिए निर्देश इन शिकायतों की जानकारी मिलते ही कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने तत्काल पूरे शहर की पानी की टंकियों से होने वाली आपूर्ति की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने वार्डों में क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों और नालियों से गुजरी पाइपलाइनों की जांच और पानी की सैंपलिंग के भी आदेश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देशों के बाद नगर पालिका के कर्मचारी पूरे शहर में लोगों के घरों से पानी के सैंपल एकत्र कर रहे हैं, जिन्हें जांच के लिए पीएचई विभाग भेजा जा रहा है। फिल्टर प्लांट पानी की नियमित जांच के निर्देश कलेक्टर कोचर ने बताया कि उन्होंने फिल्टर प्लांट से सप्लाई होने वाले पानी की नियमित टेस्टिंग और निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनकी जानकारी में कोई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है या नाली से होकर गुजरी है, तो वे कलेक्टर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि उसमें सुधार किया जा सके।


