बूंदी जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में सोमवार सुबह से ही घना कोहरा और हल्के बादल छाए रहे। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरा इतना घना था कि दोपहर 1 बजे तक भी सूर्य के दर्शन नहीं हुए। मध्यम गति से चली हवाओं के कारण गलन और सर्दी का असर बढ़ गया, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड महसूस हुई। ठंड के कारण लोग केवल जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले। सड़कों और बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम रही। घने कोहरे और सर्दी से वाहन चालकों तथा रोजाना काम पर जाने वाले लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें सामान्य से अधिक ऊनी कपड़े पहनने पड़े। कोहरे के कारण वाहन चालकों को सतर्कता से गाड़ी चलानी पड़ी। इस साल सर्दी का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। आमतौर पर नवंबर में ही कड़ाके की ठंड और घना कोहरा देखने को मिलता है, लेकिन इस बार दिसंबर में न तो अधिक सर्दी पड़ी और न ही लगातार घना कोहरा छाया।
नए साल की शुरुआत के साथ ही घने कोहरे और सर्दी का असर बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने की संभावना है। पिछले तीन दिनों से लगातार घना कोहरा छाने के कारण रात के समय ओस पड़ रही है। इस स्थिति को फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। ओस और मावठ से फसलों को प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन मिलती है, जिससे खाद की पूर्ति होती है और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।


