बांसवाड़ा में दिशा की बैठक से कांग्रेस के तीनों विधायक (अर्जुन बामणिया, रमिला खड़िया और नानालाल निनामा) गायब रहे। वे मीटिंग हॉल के गेट तक आए लेकिन मीटिंग में शामिल नहीं हुए। इस पर बीजेपी विधायक कैलाश मीणा ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार कमजोर है। मीटिंग में आकर क्या करते? मीटिंग में शामिल न होने को लेकर कांग्रेस विधायक अर्जुन बामणिया ने कहा कि आज पंचायत पुनर्गठन की आपत्तियां देने की आखिरी तारीख थी, ऐसे में यह काम ज्यादा जरूरी था। हमने कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। बता दें कि जिला मुख्यालय के TAD भवन में सोमवार को सांसद राजकुमार रोत की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक हुई थी। कांग्रेस-BAP एक सिक्के के दो पहलू कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी पर विधायक कैलाश मीणा ने मीटिंग के बाद कहा- बांसवाड़ा डूंगरपुर में लहर के वक्त ये तीनों जीत गए। लेकिन अब कांग्रेस का मामला गड़बड़ हो गया है। अब A पार्टी बीएपी हो गई है और B पार्टी कांग्रेस बन गई है। कांग्रेस ने अपने हाथों से मामला गड़बड़ किया है। कांग्रेस ने बीएपी का समर्थन कर दिया। कांग्रेस विधायकों को पता है कि उनका यहां जनाधार कमजोर है। इसलिए वे मीटिंग में आकर क्या करते। उनके पास जनता की समस्याओं के समाधान के ऐजेंडे नहीं है। उन्हें विकास की चिंता नहीं बल्कि खुद की चिंता है। वे आते तो प्रस्ताव दे सकते थे। सुझाव दे सकते थे। लेकिन वे टीएसपी क्षेत्र की चिंता नहीं करते। कांग्रेस विधायक बोले- पंचायत पुनर्गठन की आपत्तियां ज्यादा जरूरी बैठक से दूरी के सवाल पर कांग्रेस विधायक अर्जुन बामणिया ने कहा- पंचायती राज में पंचायत समितियों और जिला परिषद के वार्डों का पुनर्गठन जिला प्रशासन ने किया है। इसमें कुछ कमियां रही हैं। हमने कमियां दूर करने के लिए कलेक्टर ज्ञापन दिया है। कुछ पंचायतें जंप कर वार्ड बनाए गए हैं। कुशलगढ़ में कुछ ज्यादा कमियां थीं। ऐसे में हम तीनों विधायक साथ में आए और ज्ञापन दिया। कलेक्टर से कहा है कि कमियों को दिखाएं और ठीक करें। आपत्तियां दर्ज कराने की आज आखिरी तारीख थी। इसलिए दिशा की बैठक में नहीं गए। पुनर्गठन के सभी कागजात पूरे करने की तैयारी के कारण नहीं जा पाए। बैठक से ज्यादा जरूरी यह काम था। बैठक में बीजेपी विधायक ने अफसरों को लताड़ा बैठक में गढ़ी विधायक कैलाश मीणा ने भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की कछुआ चाल को लेकर अधिकारियों को जमकर लताड़ा। विधायक मीणा ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की मांग की। उन्होंने कहा- जो ठेकेदार पहले से विवादित रहे हैं, उन्हें ही दोबारा मरम्मत और पैच वर्क के काम दिए जा रहे हैं। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर रोड और अटल पथ पर नालियां खोदकर छोड़ दी गई हैं। श्रद्धालु कीचड़ में चलने को मजबूर हैं। ऐसे ठेकेदारों को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए। कैनाल प्रोजेक्ट के काम की धीमी गति विधायक कैलाश मीणा ने अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि अब तक केवल कुछ प्रतिशत काम ही क्यों हुआ? उन्होंने जिला कलेक्टर इंद्रजीत यादव को निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट की विशेष मॉनिटरिंग की जाए ताकि नवंबर 2026 की डेडलाइन मिस न हो। बैठक में सांसद राजकुमार रोत, विधायक जयकृष्ण पटेल, विधायक कैलाश मीणा और जिला कलेक्टर इंद्रजीत यादव सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


