हनुमानगढ़ के डबलीवास मौलवी ग्राम पंचायत क्षेत्र में बंद पड़े मनरेगा कार्यों को फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर सोमवार को पंचायत घर पर प्रदर्शन किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में मजदूर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में महिला-पुरुष मजदूर सुबह से ही जुट गए और लगभग चार घंटे तक धरने पर डटे रहे। मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि काम तुरंत शुरू नहीं किया गया तो चक्का जाम किया जाएगा। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पंचायत समिति पीलीबंगा के विकास अधिकारी विकास रेगर, नायब तहसीलदार रणवीर फूलज और सदर थाना से राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजदूर प्रतिनिधियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान विकास अधिकारी ने आश्वासन दिया कि डबलीवास मौलवी में काम मांगने वाले सभी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्य 15 मार्च 2026 तक लगातार चलेंगे और न्यूनतम मजदूरी में कमी पाए जाने पर उसे दुरुस्त किया जाएगा। सभा में एलडीसी पर मजदूरों से भेदभावपूर्ण व्यवहार के आरोप भी लगाए गए। इस पर विकास अधिकारी ने जांच कर दोष सिद्ध होने पर संबंधित कर्मचारी को हटाने की बात कही। इसके बाद मौके पर ही मजदूरों के 6 नंबर फॉर्म भरवाए गए और घोषणा की गई कि 9 जनवरी से काम शुरू हो जाएगा। इन आश्वासनों के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। सभा को संबोधित करते हुए कामरेड रामेश्वर वर्मा ने केंद्र सरकार पर मनरेगा के बजट में लगातार कटौती करने का आरोप लगाया, जिससे मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। रघुवीर वर्मा ने कहा कि चार महीने तक काम बंद रहना मजदूर विरोधी नीति को दर्शाता है। मनीराम मेघवाल ने बताया कि पंचायत समिति क्षेत्र में जहां करीब 30 हजार मजदूरों को काम मिलना चाहिए, वहां 3 हजार से भी कम मजदूर काम पर हैं। इस मौके पर बग्गा सिंह, सुरजीत सिंह, मुख्तियार सिंह, मोहनलाल, गुरुदेव बावरी, सीमा कंबोज, सोनबाई, कलावती देवी, देखा देवी, पृथ्वी मेघवाल, लाल सिंह प्रधान, सदीक मोहम्मद, अमरीक सिंह, हरिराम बांदड़ा, जरनेल सिंह और देसराज सहित बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।


