पीड़ितों को समय से न्याय दिलाने में जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ की पहल सार्थक साबित हो रही है। थानों में समय से सुनवाई नहीं होने की शिकायतें मिलने के बाद कमिश्नर खुद ही थानों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनने लगे। 4 जनवरी 2024 को शिप्रापथ थाने से इसकी शुुरुआत की, तब से अब तक 13 थानों में जनसुनवाई कर चुके हैं। इनमें दाे हजार मामलाें में परिवादियाें से मिले और आठ साै मामलाें का तत्काल निस्तारण कर दिया। ये आठ साै वे मामले थे, जिनमें पीड़ित थाना स्तर पर पुलिस की कारवाई से संतुष्ट नहीं थे और न्याय के लिए कमिश्नरेट के चक्कर लगा रहे थे। कमिश्नरेट पहुंचने वाले परिवादियाें से कमिश्नर जाेसफ यही कहते हैं कि कमिश्नरेट आने के बजाय पुलिस अधिकारी आपके द्वार आएंगे। वे खुद थाने में जाएंगे। सुनवाई में 1320 रजिस्टर्ड मामलाें में करीब 40 प्रतिशत का तत्काल निस्तारण हुआ। सबसे ज्यादा मामले जमीन विवाद के, मिलीभगत के आराेप कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने पदभार संभालने के बाद गत वर्ष 4 जनवरी को शिप्रापथ थाने से जनसुनवाई कार्यक्रम शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने कानोता, करधनी, विद्याधर नगर, शिवदासपुरा, बगरू, चौमूं, प्रताप नगर, जयसिंहपुरा खोर, जवाहर सर्किल, वैशाली नगर, मुहाना व आमेर थाने में जनसुनवाई कर चुके। अब तक की जनसुनवाई में ज्यादातर मामले जमीनी विवाद, पारिवारिक विवाद, मारपीट व चोरी से संबंधित आए। जिनमें थाना स्तर पर पुलिस ने काेई कारवाई नहीं की थी।
छाेटे-छाेटे मामले भी पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक पहुंच रहे थे जोसफ के अनुसार पदभार संभालने के बाद कार्यालय में कुछ ऐसे में परिवादी पहुंचे, जिनके छोटे-छोटे मामले लंबे समय से पेंडिंग चल रहे थे। वो लोग थाने से कमिश्नर ऑफिस तक कई बार चक्कर लगा चुके थे। ये लोग काफी दूर से आते थे। यहां आने के बाद भी उन्हें मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। ऐसे में उन्हें समय और पैसे का नुकसान होता है। ऐसे में अधिकारी आपके द्वार की सोच पर जनसुनवाई शुरू की। एक साल से पेंडिंग मामला जनसुनवाई में आया, 3 बदमाशाें काे पकड़ लाए विद्याधर नगर में केबल काटने का मामला एक साल से पेंडिंग था। जनसुनवाई में मामला सामने आया तो 3 बदमाश पकड़ लिए। मारपीट के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी लंबे समय से बाकी थी। जनसुनवाई में कमिश्नर से मिले तो तुरंत ही कार्रवाई के आदेश दिए और अगले दिन आरोपी को गिरफ्तार किया गया। करणी विहार व प्रताप नगर थाने में मारपीट के मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही थी, जनसुनवाई में निर्देश दिए और 7 आरोपी गिरफ्तार करवाए गए। प्रताप नगर में चोरी के मामले में जनसुनवाई के दौरान प्रगति रिपोर्ट देखी और आदेश दिए। गठित टीम ने तलाश कर दो चोरों को पकड़ लिया। कमिश्नर के पहुंचते ही लाइन लग जाती, टेंट लगाकर कर रहे सुनवाई कमिश्नर जनसुनवाई में थाने पहुंचते ताे परिवादियाें की लाइन लगने लगी। बाद में कमिश्नर ने थाने पर ही टेंट लगाकर जनसुनवाई शुरू की। शिप्रापथ थाने 170 परिवादी आए। कानाेता में 168, करधनी में 105, शिवदासपुरा में 144, प्रताप नगर में 100, मुहाना में 115 परिवादी पहुंचे। जनसुनवाई में आए हर परिवादी के मामले की पूरी माॅनिटरिंग कर रहे
“प्रथम फेज में शहर के बाहरी क्षेत्र वाले थानों में जनसुनवाई शुरू की है। आगामी दिनों में इसका विस्तार किया जाएगा। सभी परिवादियों के नाम व नंबर सहित पूरा रिकॉर्ड दर्ज करवाया जा रहा है। उसके बाद कमिश्नरेट स्तर से पूरे मामलों की मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही लापरवाही पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच भी की जा रही है।” – बीजू जॉर्ज जोसफ, पुलिस कमिश्नर


