उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ में लगभग 15 करोड़ से भी अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए ड्रोन सर्वेक्षण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा। उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह प्रयागराज पहुंचकर अधिकारियों के साथ इस समय इस महाआयोजन की बारीकियां सीख रहे हैं। जल्द प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं में लगे विभागों, कंपनियों और स्टार्टअप को बुलाकर उज्जैन में महाकुंभ से जुड़ी सरकारी एजेंसियों से अनुभव साझा किए जाएंगे। प्रयागराज में अधिकारियों के दल के साथ रविवार को मौजूद उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने भास्कर से फोन पर चर्चा में कहा कि यूपी के अधिकारियों से चर्चा हुई है। महाकुंभ के समापन के बाद आयोजन में जुड़े रहे पीडब्ल्यूडी, पीएचई, जल संसाधन जैसे विभागों के दौरे उज्जैन में शुरू हो जाएंगे और उनके समकक्ष विभागों से चर्चा शुरू होगी ताकि प्रयागराज के अनुभव से सीखा जा सके। साथ ही कम्युनिकेशन, आईटी, क्राउड मैनेजमेंट में लगी एजेंसियों और स्टार्टअप को भी आमंत्रित करेंगे ताकि उज्जैन महाकुंभ के आयोजना से पहले उनसे सीखा जा सके कि इतने बड़े आयोजनों में क्या- क्या आवश्यकताएं होंगी। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के आयोजन से सीखने उज्जैन के विभागों के और प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे लगातार जारी हैं। महाकुंभ का पूरा दारोमदार क्राउड मैनेजमेंट पर उज्जैन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महाकुंभ का पूरा दारोमदार क्राउड मैनेजमेंट पर है। इसके लिए प्रयागराज के 6 महीने पहले भी दौरे हुए हैं, दिसंबर में भी हुए हैं और आयोजन के दौरान भी हो रहे हैं ताकि वहां की स्थितियों से सीखा जा सके। 12 साल पहले की स्थितियां अब बदल चुकी हैं। मुख्य रूप से प्रयागराज में साधु संतों के व्यावहारिक पैटर्न और सुविधाओं को लेकर आगंतुकों की अपेक्षाओं का अध्ययन प्रयाग में हो रहा है ताकि उज्जैन में इसका उपयोग हो सके। क्या व्यावहारिक दिक्कतें आईं, उनका कैसे समाधान हुआ, यह अध्ययन प्रयागराज में हो रहा है। बाद में हरिद्वार महाकुंभ के लिए बनी व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। उज्जैन सिंहस्थ में है 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
उज्जैन महाकुंभ में शुरुआती तौर पर 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था, पर प्रयागराज में मिल रहे श्रद्धालुओं के रिस्पांस को देखकर उज्जैन के अधिकारी भी बड़ी तैयारी की योजना बना रहे हैं। प्रयागराज में आयोजन के पहले हफ्ते में ही 8 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। ड्रोन -आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तैयारी
उज्जैन में होने वाले महाकुंभ के लिए ड्रोन सर्वे और एआई आधारित तकनीक का उपयोग होगा। इन पर ज्यादा सीखने के लिए प्रयागराज और हरिद्वार में काम कर चुकी कंसल्टेंसी और निजी एजेंसियों को उज्जैन बुलाया जाएगा। इनसे सीखा जाएगा कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के हिसाब से कैसी तैयारी की जाए। इन्ही के आधार पर उज्जैन महाकुंभ के लिए आईटी फर्म का गठन होगा और उसमें एक्सपर्ट की नियुक्ति होगी। एजेंसी का बड़ा हिस्सा उज्जैन से काम करेगा, एक हिस्सा नगरीय विकास एवं आवास संचालनालय भोपाल में बैठक व्यवस्थाओं का को- ऑर्डिनेशन करेगा।


