अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी सम्मेलन आयोजित:बलरामपुर में भाजपा नेताओं ने उनके योगदान को याद किया

बलरामपुर रामानुजगंज के सामरी विधानसभा क्षेत्र के मंडल कुसमी अंतर्गत ग्राम सेमरा में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक विधानसभा स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, सिद्धांतों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाना था। सम्मेलन में बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें जिला प्रभारी ओमप्रकाश सिन्हा, सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा और भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। जिला, मंडल और बूथ स्तर के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला, उन्हें एक दूरदर्शी नेता, कुशल प्रशासक, ओजस्वी वक्ता और संवेदनशील कवि बताया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और सुशासन, विकास, सामाजिक समरसता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य किया। संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर प्रधानमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व में देश ने सड़क, संचार, शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। वक्ताओं ने जोर दिया कि उनका जीवन आज भी युवाओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा ने अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन को सादगी, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अटलजी के आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र सेवा में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। जिला प्रभारी ओमप्रकाश सिन्हा ने संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। संगठनात्मक विषयों पर हुई चर्चा भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विचारधारा और सहमति की राजनीति को नई दिशा दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जन्म शताब्दी वर्ष के माध्यम से अटलजी के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने और उनके ‘मजबूत राष्ट्र, सशक्त समाज’ के संकल्प को साकार करने का दायित्व निभाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही, संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की गई और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। सम्मेलन का समापन राष्ट्र निर्माण और संगठन सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ।

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