झुंझुनूं के झटावा खुर्द में सरकारी स्कूल की छात्रा से छेडछाड़ के मामले में आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज लोगों ने स्कूल पर ताला लगा दिया। स्कूल के बाहर बैठकर जमकर नारेबाजी की। शिक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीण उनसे भी उलझ पडे़। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल का स्टाफ आरोपी शिक्षक को बचाने का प्रयास कर रहा है। घटना के दौरान पुलिस के आने से पहले ही आरोपी शिक्षक को मौके से भगा दिया था। कार्यवाही में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले में तीन दिन बाद तो एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। घटना से पीड़िता छात्रा ने प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल को मामले से अवगत कराया था, लेकिन उन्होंने मामले को दबाने का प्रयास किया। आरोपी शिक्षक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हेड कॉन्स्टेबल सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि जांच चल रही है। जल्द ही आगे कार्रवाई की जाएगी। 3 घंटे की समझाइश के बाद माने ग्रामीणों ने करीब 3 घंटे तक प्रदर्शन किया। पुलिस और शिक्षा के विभाग के अधिकारियों की समझाइश के बाद ताला खोलने पर सहमति बनी। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर गिरफ्तार करने, प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल समेत स्कूल के पूरे स्टाफ को हटाने, बच्चों से सफाई कार्य नहीं करवाने की मांग रखी। 5 दिन का अल्टीमेटम दिया। मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग को उच्च अधिकारियों से लेकर अवगत कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोला। यह था मामला 16 जनवरी को अलसीसर ब्लॉक के झटावा खुर्द के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक मनोज कुमार ने 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकत की थी। घटना के दौरान कक्षा में केवल दो ही स्टूडेंट थे। कालांश खत्म होते ही लड़का वॉश रूम चला गया। छात्रा को अकेला देख शिक्षक मनोज कुमार ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत व छेड़छाड़ की थी। दूसरे कालांश की अध्यापिका के आते ही छात्रा ने उन्हें आपबीती बताई। इसके बाद अध्यापक मनोज कुमार स्कूल से गायब हो गया। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई थी। जिसके बाद संयुक्त निदेशक बजरंग लाल ने मनोज कुमार को निलंबित कर दिया था।


