शाजापुर नगरपालिका ने शहर के बीच से बहने वाली चीलर नदी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। इसके लिए 30 करोड़ रुपए की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर मध्य प्रदेश सरकार को भेजी गई है। जल गंगा मिशन से सेवानिवृत्त अधिकारी ने किया निरीक्षण मंगलवार को नदी की सफाई और उसमें गिरने वाले गंदे नालों को रोकने को लेकर विचार करने के लिए जल गंगा मिशन से सेवानिवृत्त अधिकारी देवेंद्र सिंह ढपौला को शाजापुर बुलाया गया था। नगरपालिका के बुलावे पर ढपौला ने चीलर नदी का निरीक्षण किया और पानी की जांच रिपोर्ट भी देखी। गंदे नालों को सीवरेज लाइन से जोड़ने का दिया सुझाव निरीक्षण के बाद ढपौला ने बताया कि फिलहाल चीलर नदी का पानी बहुत ज्यादा खराब नहीं है और इसे आसानी से साफ किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि नदी में मिलने वाले गंदे नालों को सीवरेज लाइन से जोड़ा जाए, ताकि गंदा पानी सीधे नदी में न गिरे। इसके साथ ही घरों से निकलने वाले गंदे पानी को भी नदी में जाने से रोकने की योजना बनाई जाएगी। शहर के लोगों से भी सहयोग करने की अपील की उन्होंने कहा कि इन उपायों से चीलर नदी को दोबारा साफ और जीवित किया जा सकता है। ढपौला ने शहर के लोगों से भी सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग नदी में गंदा पानी न बहाएं और पॉलिथीन का इस्तेमाल बंद करें। सब्जी या सामान खरीदने जाते समय घर से कपड़े का थैला लेकर जाएं, इससे नदी में कचरा कम होगा। ढपौला ने बताया कि अभी चीलर नदी का पानी इतना गंदा नहीं है कि उसमें नहाया न जा सके, लेकिन अगर समय रहते गंदे नालों को रोक दिया गया तो नदी पूरी तरह स्वच्छ रह सकती है। नगरपालिका चीलर नदी को साफ और सुंदर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।


