लुधियाना | एक तरफ शहर में गैंगस्टर्स अपनी धमकियों को पूरी गंभीरता दिखाते हुए डेडलाइन खत्म होते ही फायरिंग करने जैसी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर थाना हैबोवाल पुलिस फिरौती मांगे जाने की सूचना मिलने पर भी इसे मजाक में लेते हुए गंभीरता नहीं दिखाती। घटना सोमवार देर रात करीब 2 बजे की है जब खुद को रोहित गोदारा गैंग से जुड़े गैंगस्टर्स ने कपड़ा व्यापारी की दुकान पर 5 से ज्यादा राउंड फायर किए। मंगलवार सुबह जब दुकान पर कामवाली पहुंची तो उसने कांच का दरवाजा टूटा देखा। दुकान में काम करने वाले सुनील ने वीडियो कॉल पर गोलियों के निशान देखकर तुरंत मालिक हिमांशु को सूचना दी। थाना हैबोवाल पुलिस ने मौके से खाली कारतूस कब्जे में लिए। सीसीटीवी फुटेज में 3 लोग गोलियां चलाते दिखे। सीधी बात एसीपी बोले- जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे {फिरौती मांगने की सूचना मिली, तो लिखित शिकायत क्यों दर्ज नहीं की? -मामले के साथ इसे भी वेरिफाई करेंगे। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। {पीड़ित को सुरक्षा क्यों नहीं दी? -इसका फैसला परिस्थितियों पर होता है। पीसीआर की गश्त भी रात को सिविल सिटी में होती है। किसी की जवाबदेही तय होगी? -मामले के अलावा चौकी इंचार्ज अथवा अन्य कर्मचारी से जवाब मांगेंगे। वॉइस मैसेज में कहा गया-जो टाइम दिया था वो खत्म…..जल्दी ट्रेलर दिखाएंगे “हां हिमांशु, क्या हाल-चाल हैं… जो टाइम दिया था वो खत्म हो गया है। आधे-एक घंटे में फोन लगा लेना। नहीं लगाया तो कोई दिक्कत नहीं, तैयार हो जाना। पुलिस के पास जाना है तो चले जाना। तेरे या तेरे परिवार के साथ कुछ हुआ तो तू खुद जिम्मेदार होगा। जल्दी ट्रेलर दिखाएंगे, टेंशन मत ले।” मुलाजिम बोले-कोई शरारत कर रहा होगा ‘डस्टी लुक’ नाम से मेरी दुकानें हैं। दो दिन पहले विदेशी नंबर से खुद को रोहित गोदारा गैंग का आदमी बताकर 50 लाख की फिरौती मांगी, तो मैं डर गया। लेकिन मैंने सोचा, चुप रहना सही नहीं है, इसलिए पुलिस को सूचना दी। मुझे लगा, पुलिस मेरा साथ देगी। जब चौकी में तैनात कर्मचारियों ने यह कहकर टाल दिया कोई बाहर बैठकर शरारत कर रहा होगा, तब मुझे अजीब लगा। मुझे बार-बार वॉइस मैसेज आ रहे थे। शनिवार को खुलेआम धमकी देने पर भी मेंने उन्हें जवाब नहीं दिया। मेरे परिवार में अकेला कमाने वाला हूं। सोमवार रात जब दुकान पर गोलियां चलाईं तो मैं डर गया। हमला दिन में होता तो जान भी जा सकती थी। -हिमांशु


